लंदन. शोधकर्ताओं ने दिल और गुर्दे को फेल करने वाले जींस को ढूंढ निकाला है। शोधकर्ताओं का कहना है कि ऑस्टियोग्लाइसिन और जुंड नाम के जींस ही दिल और किडनी की समस्याओं के लिए जिम्मेदार होते हैं।
शोध में पाया गया कि दिल के बाएं वेंट्रिकल यानी पंपिंग करने वाले मुख्य हिस्से को चलाए रखने में ऑस्टियोग्लाइसिन ही की भूमिका अहम है। इसके चौड़ा होना लेफ्ट वेंट्रिकुलर मास (एलवीएम) ज्यादा हो जाता है, जो दिल की आम बीमारियों की प्रमुख वजह है। शोध में बताया गया है कि इस जींस के सामान्य से ज्यादा होने का सीधा संबंध दिल के आकार के बढ़ने से है। नेचर जेनेटिक्स जर्नल के हालिया संस्करण में इस रिसर्च की रिपोर्ट प्रकाशित की गई है।
शोधकर्ता डॉक्टर स्टूअर्ट कुक ने बताया, दिल का बड़ा होना सामान्य बात है। ऐसे लोगों को सामान्य आकार के दिल वाले लोगों के मुकाबले दिल के दौरे का खतरा ज्यादा रहता है। हम लोग इस स्थिति का इलाज सीधे तौर पर नहीं कर सकते, बल्कि मरीज का ब्लड प्रेशर ऐसे में कम किया जाता है। अब जब पता चल गया है कि कौने से जींस की वजह से दिल का विकास प्रभावित होता है, तो हमें दिल की आम बीमारियों को समझने में भी सहूलियत होगी। इससे लोगों का इलाज और बेहतर हो सकेगा।
इसके साथ ही एक और स्टडी में प्रफेसर टिम ऐटमैन और उनकी टीम ने किडनी में बढ़ोतरी के कारणों की जांच की, जिसमें जुंड नाम के एक जींस की भूमिका को जिम्मेदार माना गया। मैक्रोफेगस सेलों के कामकाज में इसी जींस की भूमिका है। अगर ये सेल अपनी रफ्तार से तेज काम करने लगें, तो गुर्दे की टिश्यूज को खराब कर सकते हैं।