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एक लाख से शुरू हुआ था रिश्वत का खेल

चंडीगढ़.bribe कॉलोनी नंबर-5 निवासी अरविंद से पैसों की डीलिंग में तीनों कर्मियों के अलावा ऑपरेशन सेल का सब-इंस्पेक्टर नवीन शर्मा भी शामिल था। सीबीआई और अब चंडीगढ़ पुलिस को दी शिकायत में अरविंद ने बताया कि नवीन की मौजूदगी में ही पहले रिश्वतखोरी की डील शुरू हुई थी और डिमांड 1 लाख से शुरू हुई। बाद में सौदा 30 हजार में खत्म हुआ।

9 हजार रुपए मौके पर ही ले लिए गए व बाकी रकम बाद में अदा की जानी थी। इस पर अरविंद ने सीबीआई को इसकी शिकायत दी। हालांकि ट्रैप फेल होने के बाद सारी वारदात की शिकायत अरविंद ने एसएसपी को भी दी है। ‘भास्कर’ से बातचीत में अरविंद ने सारी कहानी बताई। उसने बताया कि 14 मई शाम ऑपरेशन सेल के हेड कांस्टेबल प्रेम चंद और जगतार सिंह उसे दबोच कर सेक्टर-26 के ऑपरेशन सेल ले आए।

वहां दोनों उसे एसआई नवीन शर्मा के पास ले गए। उसने उसे बोला कि वह चोरी के सिलेंडर बरामद करवाए, जब अरविंद ने सिलेंडर लेने की बात से इनकार किया। तो नवीन ने उसे धमकी दी कि वह उसे गिरफ्तार कर लेगा। इसके बाद वहां पर स्पेशल क्राइम इंवेस्टिंग सेल का कांस्टेबल हशविंदर राणा भी पहुंच गया। बतौर अरविंद, नवीन और कांस्टेबल जगतार कमरे में रहे। प्रेमचंद और हशविंदर उसे बाहर ले गए। दोनों ने उससे रिहा होने के लिए 1 लाख की मांग की।

अरविंद ने इतनी अमाउंट होने से मना किया तो सौदा 30 हजार में सेटल हुआ। मौके पर अरविंद के पास 9 हजार थे, जाप्रेमचंद ने ले लिए। इसके बाद उसे जाने दिया गया। 16 मई को प्रेमचंद और हशविंदर के उसे दोबारा फोन आए।

दोनों ने उससे बकाया 21 हजार रुपए की मांग की। अरविंद ने जब कुछ दिनों की मोहल्लत मांगी, तो उन्होंने उसे फिर गिरफ्तार करने की धमकी दी। इस पर अरविंद ने तंग आकर सीबीआई में पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायत की। सीबीआई ने ट्रैप भी लगाया, लेकिन वह सफल नहीं हुआ।

हालांकि शिकायत में अरविंद ने स्पष्ट किया कि पैसों की डिमांड हेड कांस्टेबल प्रेम चंद और कांस्टेबल हशविंदर राणा ने की, जबकि उसने यह भी स्पष्ट किया कि जब ऑपरेशन सेल में उससे पैसों की डिमांड की गई, तो वहां पहले एसआई नवीन शर्मा मौजूद था।

इसके अलावा जब 9 हजार की रिश्वत लेने के बाद उसे 14 मई को वापस भेजा तब प्रेम चंद ने उसे एसआई के बातचीत करके ही वापस भेजा था। इतना ही नहीं जिस चोर ने इंटेरोगशन के दौरान अरविंद का नाम उगला उसकी इंटेरोगेशन नवीन ने ही की थी और अरविंद पर कार्रवाई की जिम्मेदारी भी नवीन शर्मा की ही थी।

>> करप्शन बदार्शत नहीं है। कर्मियों पर सीबीआई ट्रैप और उनके द्वारा रिश्वत मांगने की जानकारी मिली है। आईजी ने जानकारी मिलते ही उन्हें लाइन हाजिर कर दिया था। डीएसपी (ऑपरेशन) जांच कर रहा है। सारा मामला सुपरवाइजरी अफसर (इंवेस्टीगेशन ऑफिसर) की लापरवाही जाहिर कर रहा है। सख्त कार्रवाई की जाएगी।
महाबीर सिंह, डीआईजी (ऑपरेशन)

>> कांस्टेबल जगतार सिंह के अलावा सभी इस धांधली में इंवॉल्व हैं। एसआई नवीन को मेरे साथ हुई सारी कार्रवाई की जानकारी थी। पैसों की डीलिंग हेड कांस्टेबल प्रेमचंद और कांस्टेबल हशविंदर राणा ने की थी। पैसों के लेन देन की बातचीत की रिकर्ॉ्िडग भी कर रखी है।
अरविंद, शिकायतकत्र्ता

>> अरविंद को सेल में लाया गया था। इन्वॉलमेंट न पाए जाने पर उसे छोड़ दिया गया। पैसों के लेनदेन से मेरा कोई संबंध नहीं है।
नवीन शर्मा, एसआई





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