मुंबई. महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग ने बुधवार को कहा है कि मनसे प्रमुख राज ठाकरे शनिवार को आयोजित अपनी रैली में अपनी सीमा को पार न करें और भारतीय संविधान व कानून का आदर करें।
फरवरी माह में उत्तर भारतीयों के खिलाफ अपने संगठन को भड़का चुके और इस मामले में गिरफ्तार हो चुके राज ठाकरे आगामी शनिवार को शिवाजी पार्क में विशाल रैली करने जा रहे हैं जहां वे अपने दो साल पुराने संगठन महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के कार्यकर्ताओं को आगे की रणनीति बताने वाले हैं।
पुलिस पहले ही राज को रैली को संबोधित करने की इजाजत दे चुकी है। सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर की शिकायत पर आयोग ने राज को आदेश जारी करते हुए सुनवाई के दिन हाजिर होने को कहा है। वहीं, राज के वकील ने आयोग के समक्ष एक एफिडेविट पेश करते हुए कहा है कि आयोग को इस तरह के आदेश मनसे प्रमुख के खिलाफ जारी करने की पात्रता नहीं है।
मेधा के सवाल और शिकायतें :
1. मेधा पाटकर ने अपनी शिकायतों में कहा है कि राज ठाकरे के खिलाफ 41 मामले पुलिस में दर्ज हैं लेकिन पुलिस ने उन्हें केवल एक मामले में आरोपी बनाया है?
2. सामान्य व्यवहार के मुताबिक गिरफ्तारी के अगले दिन ही पुलिस आरोपी को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करती है लेकिन राज को गिरफ्तारी के एक घंटे के भीतर पेश किया गया?
3. पाटकर ने आरोप लगाया है कि प्रथम दृष्ट्या पुलिस राज ठाकरे के बचाव में दिखती है जो कि विभागीय कार्रवाई के खिलाफ है और आपराधिक गतिविधि है।