भोपाल. लोकायुक्त जस्टिस रिपुसूदन दयाल ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जमुना देवी द्वारा स्वास्थ्य विभाग में दवा घोटाले को लेकर की गई शिकायत पर संज्ञान ले लिया है। लोकायुक्त ने इसमें जांच शुरू करते हुए मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम और स्वास्थ्य विभाग से आगामी तीस मई तक इस मामले से जुड़े रिकार्ड और इससे संबंधित तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है।
सूत्रों के अनुसार लोकायुक्त द्वारा जमुना देवी की शिकायत का परीक्षण कर बुधवार को जांच का फैसला किया गया। लघु उद्योग निगम के प्रबंध संचालक, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य और स्वास्थ्य आयुक्त से 30 मई 08 तक जवाब मांगा है। इन अफसरों से पूछा गया है कि वे यह स्पष्ट करें कि दवा क्रय नीति को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन के क्या नियम हैं? साथ ही दवा क्रय के बारे में केंद्र सरकार के क्या मार्गदर्शन हैं?
लोकायुक्त ने यह भी पूछा है कि दवा खरीदी को लेकर प्रदेश सरकार के नियम भी स्पष्ट किए जाएं? गौरतलब है कि मंगलवार को जमुना देवी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश पचौरी, मुकेश नायक, मानक अग्रवाल के साथ लोकायुक्त से मुलाकात कर दवा खरीदी घोटाले की शिकायत की थी।
जमुना देवी ने सरकार पर आरोप लगाया है कि दवा खरीदी के बाद स्वास्थ्य विभाग कंपनियों को करीब 150 करोड़ रुपए के भुगतान की तैयारी कर रहा है, जबकि वास्तव में 80 करोड़ रुपए की ही खरीदी की गई है। राज्य सरकार ने जो दवाएं खरीदी हैं, उनकी तमिलनाडु में 50 से 200 फीसदी तक कम कीमत है।जमुना देवी ने लोकायुक्त से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, स्वास्थ्य मंत्री अजय विश्नोई, प्रबंध संचालक लघु उद्योग निगम व स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव, आयुक्त और संचालक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज करने का आग्रह किया है।