जयपुर: राज्य के बीपीएल एवं अंत्योदय परिवारों को जून से लगभग 45 रुपए प्रति किलो के हिसाब से पाउच में खाद्य तेल उपलब्ध कराया जाएगा। राशन की दुकानों के जरिए दिए जाने वाले इस तेल के लिए केंद्र ने राज्य सरकार से डिमांड मांगी है ताकि खाद्य तेलों का आयात किया जा सके। केंद्रीय खाद्य सचिव टी. नंदकुमार ने बुधवार को यहां ‘भास्कर’ को बताया कि महंगाई पर काबू पाने के लिए केंद्र सरकार आयातित खाद्य तेलों पर 15 रुपए प्रति किलो सब्सिडी देगी।
सरप्लस खाद्य तेल एपीएल परिवारों को: उन्होंने बताया कि इस बार देश में उत्पादन अच्छा होने से खाद्यान्नों के आयात की संभावना नजर नहीं आ रही है। दालों एवं खाद्य तेलों का आयात किया जा रहा है। केंद्र सरकार लोगों को सस्ती दरों पर दालें उपलब्ध कराने के लिए भी सब्सिडी देने पर विचार कर रही है। इसके अलावा आयातित खाद्य तेल सरप्लस होने पर उसे एपीएल परिवारों को भी सस्ती दरों पर देने पर विचार किया जा रहा है।
पर्याप्त खरीद हुई तो राज्य को गेहूं आयात की जरूरत नहीं: केंद्रीय खाद्य सचिव ने कहा कि राजस्थान में इस बार 9 से 10 लाख टन गेहूं की समर्थन मूल्य पर खरीद होने की संभावना है। अगर गेहूं का पर्याप्त भंडारण हुआ तो राजस्थान को गेहूं आयात करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हाल ही केंद्र सरकार ने राजस्थान सहित चार राज्यों को अपनी जरूरत का गेहूं आयात करने के लिए कहा था। उन्होंने बताया कि पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश आदि प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों में हालांकि इस बार पैदावार नहीं घटी है लेकिन हर साल गेहूं का उत्पादन घट रहा है।
इसके लिए 140 जिलों में नेशनल फूड सिक्योरिटी मिशन कार्यक्रम चलाया जा रहा है। नंदकुमार ने कहा कि देश में गेहूं की खपत बढ़ रही है, जबकि चावल की खपत लगभग बराबर है। उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि दक्षिणी राज्यों में भी गेहूं की खपत बढ़ी है।
स्टॉक सीमा लागू की जाए उन्होंने बताया कि बढ़ती महंगाई पर काबू पाने के लिए सभी राज्य सरकारों से अपने हिसाब से स्टॉक सीमा लागू करने को कहा गया है। इसे लागू करना राज्य सरकारों का अधिकार है, केंद्र का इस पर अंकुश नहीं है। उन्होंने कहा कि वायदा कारोबार के संबंध में अभिजीत सेन कमेटी की रिपोर्ट मंगलवार को आ गई, इसका अध्ययन किया जा रहा है। इसके बाद ही वायदा कारोबार पर रोक लगाने के संबंध में कोई फैसला किया जाएगा।