जयपुर: अल्बर्ट हॉल के दोनों ओर के जंतुआलय खंडों को जोड़ने के लिए अंडरपास का सहारा लिया जाएगा। लगभग साढ़े तीन सौ फुट लंबा अंडरपास जू के जंतु खंड (एनिमल सेक्शन) के बाहरी गेट से पक्षी खंड (बर्ड सेक्शन) में जाएगा। जंतुआलय प्रशासन के अनुसार योजना पर लगभग डेढ़ करोड़ का खर्चा आएगा। इससे जंतुआलय आने वाले पर्यटक खासकर बच्चों को अल्बर्ट हॉल के सामने ट्रैफिक से दो-चार नहीं होना पड़ेगा, बल्कि वे अंडरपास से जा सकेंगे।
जंतुआलय प्रशासन सूत्रों ने बताया कि पहले भी इसके लिए जेडीए को प्रस्ताव दिया था, लेकिन उसे अमल में नहीं लाया जा सका। अब नए सिरे से अंडरपास की योजना बनाई जा रही है। जंतुआलय अधीक्षक जी.बी.झालानी के अनुसार जंतुआलय के दोनों खंडों के बीच लंबा फासला है। उनके बीच में मुख्य सड़क है। इसलिए इस बाधा को दूर करने के लिए अंडरपास ही बेहतर विकल्प है। इसके लिए बुनियादी जानकारी जुटाकर जेडीए को भिजवाई जा रही है। जंतुआलय जिला वन अधिकारी एस.सी.कछावा कहते हैं योजना को मूर्त रूप देने के लिए हम अपनी ओर से पूरी कोशिश कर रहे हैं।
अंडरपास ही क्यों? जंतुआलय अधिकारियों के अनुसार अंडरपास लगभग 8 से 12 फुट की चौड़ाई और इतनी ही ऊंचाई लिए होगा। पर्यटकों की सुविधा के लिए अंडरपास में हवा और प्रकाश के पर्याप्त बंदोबस्त होंगे। इसके अलावा इसकी दीवारों पर वन्यजीवों के चित्र बने होंगे। इसके डिजाइन के लिए कुछ ठेकेदारों से संपर्क किया गया है। जंतुआलय के दोनों खंडों को जोड़ने के लिए पहले फ्लाई ओवर के बारे में भी विचार किया गया था, लेकिन अल्बर्ट हॉल के सौंदर्य में बाधा पहुंचने, रामनिवास बाग के स्वरूप बिगड़ने और राहगीरों को बाधा पहुंचने से अंडरपास की योजना बनाई गई है।