जयपुर: झालाना बाईपास पर तेग बहादुर कॉलोनी में हमले में घायल युवक की बुधवार सुबह मौत होने से गुस्साए लोगों ने साढ़े 11 घंटे तक रास्ता जाम कर रॉयल्टी चौराहे पर शव रखकर प्रदर्शन किया। मंगलवार रात करीब 6-7 लोगों ने अर्जुनपाल सिंह (20) के पेट में गुप्ती जैसा हथियार घोंप दिया था, जिसके बाद दो गुटों में पथराव भी हुआ था। अर्जुनपाल को उसके साथी तेजपाल ने एसएमएस अस्पताल पहुंचाया था, जहां बुधवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। पथराव में घायल सभी लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
सुबह 7 बजे अजरुनपाल की मौत की खबर सुनते ही लोगों में रोष फैल गया। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर रॉयल्टी चौराहे के चारों तरफ पत्थर, टायर व पाइप डालकर रास्ते जाम कर दिए। बाद में टेंट लगाकर महिला व पुरुष धरने पर बैठ गए। इस दौरान प्रदर्शनकारी पुलिस के खिलाफ नारे भी लगाते रहे। जब अपराह्न् 3 बजे लोग अस्पताल से लाश लेकर आए, तो प्रदर्शनकारियों ने उसे चौराहे पर ही रख दिया।
शाम साढ़े 5 बजे पुलिस द्वारा आरोपियों को 24 घंटे में गिरफ्तार करने का आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शनकारियों ने एक घंटे बाद चौराहे से शव उठाया और देर रात अंतिम संस्कार कर दिया। अजरुन अपने परिवार में अकेला कमाने वाला था। वह सेटरिंग का काम करता था। उसके परिवार में मां नीली कौर, तीन बहनें व छोटे भाई, पिता व दादा इंदरसिंह (85) हैं। एसपी (पूर्व) वीके सिंह ने बताया कि पुलिस ने कई जगह छापे मारकर हत्या में शामिल 5 लोगों को हिरासत में ले लिया है।
एक आरोपी बाबूलाल टाटीवाल का नाम रिपोर्ट में नहीं होने तथा पीड़ित पक्ष के लोगों द्वारा उसके शामिल होने की सूचना के आधार पर उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। तेजपाल की ओर से दर्ज कराई गई रिपार्ट में कैलाश मीणा, कान्हाराम, अनिल, रामस्वरूप, धर्मराज, दिनेश खटीक व अन्य को नामजद किया है। शेष आरोपियों की तलाश जारी है। पीड़ित पक्ष के बयान नहीं हो पाए है।