जयपुर: सी-स्कीम स्थित पंचशील मार्ग पर बुधवार दोपहर एयर कंडिशनर कारखाने में तेज धमाके के बाद लगी आग में एयर कंडिशनर, रेफ्रिजिरेटर, वाटर कूलर आदि जल गए। विस्फोट में मजदूर दीपसिंह (48) व छोटूलाल (28) घायल हो गए। उन्हें लोगों ने एसएमएस अस्पताल पहुंचाया। जहां देर रात दीपसिंह की मौत हो गई, जबकि छोटूलाल की पोलीट्रोमा वार्ड में हालत स्थिर बनी थी।
पुलिस का कहना है कि विस्फोट के समय दोनों मजदूर कारखाने में वेल्डिंग कर रहे थे। विस्फोट संभवत: कंप्रेशर मशीन में हुआ। कंपनी के प्रबंध निदेशक निर्मल गर्ग ने शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताते हुए करीब डेढ़ करोड़ रुपए का नुकसान बताया है। इस संबंध में सी स्कीम विकास समिति के संयुक्त सचिव ने अशोक नगर थाने में कारखाना मालिक के खिलाफ लोगों की जान संकट में डालने का मामला दर्ज कराया है।
फायर अधिकारी चंद्रमोहन पारीक ने बताया कि 30 से ज्यादा लोग इस तीन मंजिला कारखाने में काम कर रहे थे। तीनों मंजिलों पर एयर कंडिशनर मशीन मैन्यूफैक्चरिंग, रिपेयरिंग का कारखाना था तथा इसी भवन में गोदाम भी था। बुधवार को दूसरी मंजिल पर एसी मशीनों की वेल्डिंग करते समय दोपहर करीब ढाई बजे धमाका हुआ। इससे अफरातफरी मच गई। कुछ ही देर बाद कारखाना लपटों में घिर गया। करीब 20 मिनट बाद पहुंची दमकल की 13 गाड़ियों ने 40 चक्कर लगाकर आग पर काबू पाया। आग बुझाने के दौरान चार धमाके हुए।
पुलिस ने वहां एकत्र हुए लोगों को काफी दूर कर दिया। कारखाने में उस समय तीन घरेलू गैस सिलेंडर थे। आग के दौरान भी वे मकान में पड़े रहे। आग पर काबू पाने के बाद दमकल कर्मियों ने सिलेंडरों को निकाला। अगर ये फट जाते तो आसपास के मकानों को भी नुकसान होता।
नोटों की गड्डियां, चैक सुरक्षित : आग बुझने के बाद पुलिसकर्मियों ने कार्यालय की दराजें खोलीं तो विभिन्न फर्मो की ओर से दिए गए चैक, करीब 20 हजार रुपए की नकदी तथा अन्य कागजात सुरक्षित मिले। दूसरी तथा तीसरी मंजिल में रखी लाखों रुपए की मशीनें जल गईं।
उपमहापौर का घेराव : आग बुझने के बाद मौके पर पहुंचे उपमहापौर पंकज जोशी का लोगों ने घेराव किया। लोगों का आरोप था कि नगर निगम तथा पुलिस में कई बार शिकायतें करने के बाद भी न तो पुलिस ने कोई कार्रवाई की और न ही निगम के अधिकारियों ने। इलाके के पार्षद गिर्राज खंडेलवाल ने घायलों तथा आग से आसपास के लोगों को हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है। लोगों ने पुलिस अधिकारियों को खरी खोटी सुनाई।
पहले भी लगी थी आग : लोगों ने बताया कि गत वर्ष भी आग लगी थी। कारखाने के पीछे रहने वाले राकेश के परिवार के कपड़े व अन्य सामान जल गया था। अशोक नगर थाने में उसकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया गया।