इंदौर. सिका स्कूल के एक शिक्षक ने मंगलवार रात अज्ञात कारणों के चलते घर में फांसी लगाकर जान दे दी। वहीं लसूड़िया क्षेत्र में भी एक युवक ने फांसी लगा ली।
स्कीम-54 निवासी हरीशचंद्र पिता जगन्नाथ भंडारकर (34) मंगलवार रात पत्नी रूपाली को पढ़ाई करने का कहकर दूसरे कमरे में गए और दरवाजा बंद कर लिया। रूपाली ने सुबह 6 बजे उन्हें उठाने की कोशिश की लेकिन दरवाजा नहीं खुला। 9.30 बजे दोबारा दरवाजा खटखटाया लेकिन श्री भंडारकर नहीं जागे। तब रूपाली ने मकान-मालिक को बताया।
उन्होंने दरवाजा तोड़ा तो हरीश फंदे पर लटके मिले। पड़ोसियों ने विजयनगर पुलिस को सूचना दी। एएसआई दुबे मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए एमवायएच भेजा।
कम्प्यूटर साइंस पढ़ाते थे : रिश्तेदार प्रवीण शिम्पी ने बताया एमसीए कर चुके श्री भंडारकर सात वर्षो से सिका स्कूल में कम्प्यूटर साइंस पढ़ाते थे। सहकर्मी टीचरों ने कहा वे बहुत ही साधारण स्वभाव के थे। कभी किसी से उनका कोई विवाद नहीं हुआ, न वे किसी मामले में पड़े। उनके इस कदम से सभी को अचंभा हुआ।
परिजन ने बताया साढ़े तीन साल पहले ही उनकी शादी हुई थी। माता-पिता उनके साथ ही रहते थे। हाल में मां बड़े बेटे के घर गई थीं जबकि पिता पैृतक ग्राम चालीसगांव में हैं। श्री शिम्पी ने बताया घटना की सूचना पर श्री भंडारकर के पिता गांव से इंदौर के लिए रवाना हो गए हैं।
युवक ने फांसी लगाई : लसूड़िया थाने के बिच्चूखेड़ी में सुभाष पिता हीरालाल ने मंगलवार रात फांसी लगा ली। परिजन ने बताया सुभाष किसान था। घटना का पता लोगों को बुधवार सुबह चला। उसने फांसी क्यों लगाई इसका खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव पोस्टमार्टम के लिए एमवायएच भेजा।
जिदंगी के ‘स्पेशल एफेक्ट’ में गुम हो गए
नए सत्र से सिका स्कूल में वेब डिजाइनिंग और मल्टीमीडिया का कोर्स शुरू होने वाला था.. मंगलवार दोपहर को ही बात हुई और स्पेशल एफेक्ट वाले हरीशचंद्र भंडारकर का नाम दिल्ली भेजने पर सहमति बनी। उन्होंने भी खुशी-खुशी यह जिम्मेदारी ली लेकिन चंद घंटों बाद ही वे जिंदगी के ‘स्पेशल एफेक्ट’ में गुम हो गए..और ऐसे गुम हुए कि कम्प्यूटर की कोई भी कमांड उनको वापस नहीं ला सकती।
रोज की तरह बुधवार को भी सिका स्कूल के स्टाफ रूम में हंसी-मजाक का माहौल था। सत्र का आखिरी दिन था इसलिए सबने मिलकर पार्टी का मन बनाया था। सब इंतजार में थे कि वैल्यूएशन के लिए सत्यसांई विद्या विहार गए श्री भंडारकर भी आएंगे लेकिन वे नहीं आए। प्राचार्य मंजु व्यास ने बताया लगभग 11.30 बजे उनके घर से फोन आया कि आप लोग आ जाइए, उन्होंने आत्महत्या कर ली है।
सुनकर सभी चौंक गए क्योंकि मंगलवार दोपहर को सत्यसांई विद्या विहार से लौटकर वे बहुत खुश थे। एक शिक्षिका ने बताया कम्प्यूटर से संबंधित कोई भी काम वे खुद ही आगे बढ़कर कर देते थे। चार सालों में वे कभी बहुत ज्यादा परेशान भी नजर नहीं आए।