जयपुर: आरएएस व बीएड की मुख्य परीक्षा के दो पेपर 12 व 13 जून को एक साथ होने से करीब आठ हजार परीक्षार्थी दुविधा में पड़ गए हैं कि कौनसी परीक्षा दें। बीएड की परीक्षा 7 मई से 13 जून तक होगी, जबकि आरएएस की परीक्षा 12 जून से शुरू होगी। दोनों परीक्षाओं के टाइम टेबल में 12 व 13 जून की परीक्षाओं का समय आपस में टकरा रहा है। आरएएस प्री में कड़ी मेहनत के बाद छात्रों का मुख्य परीक्षा के लिए चयन हुआ था। वहीं बीएड की परीक्षा के लिए भी छात्र-छात्राओं ने जमकर पढ़ाई की है। आरएएस की मुख्य परीक्षा में भाग्य आजमा रहे अशोक शर्मा ने बताया कि वह बीएड के अलावा आरएएस भी करना चाहता है, लेकिन 12-13 जून को होने वाले दो पेपर ने प्लानिंग बिगाड़ दी है। दो दिन दोनों परीक्षाओं के पेपर एक ही समय पर होने से दुविधा में हैं कि कौनसा पेपर दें।
आरपीएससी के पूर्व अध्यक्ष जे.एम. खान का कहना है कि यह राजस्थान विश्वविद्यालय और आरपीएससी के बीच तालमेल की कमी का परिणाम है। अगर दोनों एक-दूसरे से तालमेल रखकर टाइम टेबल बनाते तो छात्र इन परीक्षाओं में शामिल हो सकते थे।
छात्र उतरे सड़कों पर आरएएस व बीएड के पेपर एक साथ होने के विरोध में राजस्थान विश्वविद्यालय के बाहर बुधवार को छात्र नेता उमाकांत भारद्वाज और रवि जेटली के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि राजस्थान विवि इस तरह से टाइम टेबल बनाए, जिससे परीक्षार्थी दोनों परीक्षाओं में शामिल हो सकें।