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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. लालपुर में कल शाम एक युवक को पेट में चाकू घोंपकर जान से मारने की कोशिश की गई। वह गंभीर रूप से घायल हो गया। यह बात जैसे ही उसके साथियों पता चली, सबने हमलावर राजू साहू (30) को घर से उठा लिया। उसे पीट-पीटकर अधमरा करने के बाद पेट में बोतल घुसा दी गई। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक राजू के साथ उसके दोस्त नत्थू को भी उठा लिया गया था। उसे बुरी तरह पिटाई के बाद मौके पर अधमरा छोड़ दिया गया। आज सुबह वह पास में एक पेड़ के पीछे छिपा मिला। इस वारदात से लालपुर में कोहराम मच गया है। पुलिस ने तीन-चार युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
पुलिस को जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक हत्या के पीछे जमीन का झगड़ा था। इसी वजह से राजू ने ने मंगलवार रात 11.30 बजे मोहल्ले के विक्की यादव (22) पर जानलेवा हमला किया और भाग गया। चाकू के वार इतने जबर्दस्त थे कि विक्की की अतड़ियां निकल आईं। उसे अस्पताल ले जाया गया। विक्की पर हमले का पता उसके दोस्तों को चला तो वे इस कद्र बौखला गए कि रात में ही राजू के घर धावा बोल दिया।
उसे और उसके साथी नत्थू को उठाकर युवकों ने आटो में बिठाया और रामकृष्ण अस्पताल के पीछे सुनसान में ले गए। वहां युवकों ने पहले राड, बेल्ट और लाठी से पीटकर दोनों को अधमरा कर दिया। इसके बाद राजू को दो-तीन युवकों ने जकड़ा। पुलिस को पता चला है कि पप्पू नाम के युवक ने बीयर की बोतल तोड़ी और राजू के पेट में घुसा दी। राजू वहीं ढेर हो गया। इसके बाद भी युवकों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। बड़े से पत्थर से राजू का सिर कुचल डाला गया। भागने से पहले युवकों ने घायल नत्थू को घटना के बारे किसी को नहीं बताने के लिए धमकाते हुए फिर पीटा और उसे वहीं तड़पता हुआ छोड़कर भाग गए।
इधर, आज सुबह किसी खून से सनी लाश देखकर टिकरापारा पुलिस को फोन पर सूचना दी। आसपास के लोगों की मदद से शव की पहचान राजू साहू के रूप में हुई। आसपास की तलाशी लेने पर नत्थू एक पेड़ के पास मिला। पिटाई में उसकी आंखें इतनी सूज गई थीं कि उसे दिखाई देना बंद हो गया था। वह इसलिए भी जान बचाकर पेड़ की ओट में छिप गया था।
पूछताछ में नत्थू ने पुलिस को बताया कि पांच हमलावरों एक पप्पू नाम का युवक था, जो उन्हीं के मोहल्ले में रहता है। नत्थू रिक्शा चालक है। बताते हैं, मृतक राजू रंगदार था। वह कमीशन लेकर नजूल की जमीन पर कब्जे दिलाने का काम करता था। उसके पिता भूषण साहू भाठागांव इलाके ग्राम रवेली में रहते हैं। वह यहां लालपुर में पत्नी बच्चों के अलावा एक भाई राजेंद्र के साथ रहता था।
पुलिस की जबर्दस्त लापरवाही : लालपुर में बीती रात खूनी खेल तीन घंटे से ज्यादा समय तक चलता रहा, लेकिन पुलिस ने मुस्तैदी नहीं दिखाई। आमतौर से जमीन के मामलों में जरूरत से ज्यादा मुस्तैदी दिखाने वाली टिकरापारा पुलिस विक्की पर हमले के बाद राजू का पता नहीं लगा सकी, जबकि युवक उसके घर से उसे उठा ले गए थे। पुलिस ने ये पता लगाने की जहमत भी नहीं उठाई कि उसे किन युवकों ने अगवा किया और कहां ले गए होंगे। पुलिस को विक्की साहू पर जानलेवा हमले की सूचना घटना के तत्काल बाद हो गई थी।
राजू ने घर के सामने सो रहे विक्की पर चाकू से हमला किया था। उसे गंभीर अवस्था में डा. आंबेडकर अस्पताल पहुंचाने के बाद पुलिस राजू की तलाश में निकली। देर रात को जब राजू के घर पुलिस पहुंची तो वह घर पर नहीं था। पुलिस के मुताबिक उसके भाई राजेंद्र ने भी उसके गायब होने के बारे में कुछ नहीं बताया। इस मामले में पुलिस की भूमिका सिर्फ यही रही कि पहली बार जानलेवा हमले में घायल युवक को अस्पताल पहुंचवाया और कुछ घंटे बाद उसे हमलावर का शव उठाकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
दो आटो जब्त, चार हिरासत में
पुलिस ने हत्या के समय इस्तेमाल दो आटो जब्त कर लिया है। इन्हीं से मृतक और उसके साथी को जबरन उठाकर सुनसान में ले जाया गया था। इनके चालक धीरेंद्र और अनिल को हिरासत में ले लिया गया है। इनके अलावा दो शक के आधार पर दो अन्य युवकों को भी पुलिस ने दबोचा है। पुलिस के मुताबिक अब तक पांचों मुख्य आरोपी फरार हैं। अफसरों का दावा है कि पुलिस उन्हें जल्द पकड़ लेगी।