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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. प्रेम विवाह के बाद दहेज की मांग पर अक्सर अपनी पत्नी को प्रताड़ित करने वाले पति ने मंगलवार की शाम उस पर मिट्टी तेल छिड़ककर आग लगा दी। आग से झुलसकर पत्नी तड़पती रही और वह नजदीक में बैठा तमाशा देखता रहा। काफी देर बाद अचानक मकान मालिक के आ जाने पर घटना का पता चल पाया। पूरी तरह झुलस चुकी महिला को सिम्स ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। इधर अस्पताल तक उसके साथ जाने के बाद आरोपी पति भी फरार हो गया।
सिविल लाइन पुलिस के अनुसार लालपुर थाना अंतर्गत ग्राम औराबांधा निवासी हीरालाल पिता खोरबहरा साहू ने लगभग 6 वर्ष पहले लोरमी निवासी दिलीप सिंह की पुत्री 29 वर्षीय मायाबाई से प्रेम विवाह किया था। दोनों का ही यह दूसरा विवाह था। शादी के बाद से ही दोनों बिलासपुर में रहने लगे।
हीरालाल बढ़ईगीरी करता था। लगभग छह माह पहले वह तालापारा निवासी एक फर्नीचर व्यापारी के लिए काम करने लगा। व्यापारी ने उसे रहने के लिए अपना यदुनंदन नगर स्थित क्वार्टर नंबर डी-53 किराए पर दे दिया। हीरालाल शराब पीने का आदी था और शादी के बाद से ही उसका मायाबाई से अक्सर विवाद होता था। वह उसे दहेज लाने की बात पर प्रताड़ित करता था।
कई बार उसके मायके वालों ने मांगों को पूरा भी किया, लेकिन उसने मारपीट बंद नहीं की। आए दिन की मारपीट और तनाव की वजह से माया ने पहली शादी से हुए अपने 8 वर्षीय पुत्र आशीष को मायके में छोड़ दिया था। मंगलवार की दोपहर वे दोनों घर मंे थे। किसी बात को लेकर उनमें फिर से विवाद हुआ। विवाद धीरे-धीरे तीखी बहस में बदल गया और मारपीट की नौबत आ गई। गुस्से में आकर हीरालाल ने घर में एक डिब्बे में रखा मिट्टी तेल उठाया और माया पर छिड़क दिया।
घबराकर माया कमरे से आंगन की ओर भागी और बाथरूम के सामने गिर गई। यहां हीरालाल ने उस पर आग लगा दी। वह आंगन में तड़पकर जलती रही और उसका पति पास बैठकर देखता रहा। शाम लगभग 4:15 बजे किसी काम से मकान मालिक उनके घर पहुंचा। उसने काफी देर तक दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। फिर वह आसपास टहलने लगा। आधे घंटे बाद 4:45 बजे वह फिर से आया और दरवाजा खटखटाने लगा।
काफी देर बाद हीरालाल ने दरवाजा खोला। जब मकान मालिक ने दरवाजा न खोलने का कारण पूछा, तो वह शांत रहा। अंदर से मिट्टी तेल और कुछ जलने की बदबू आने पर मकान मालिक घर के अंदर गया। आंगन में माया पूरी तरह झुलसी हुई पड़ी थी। उसे देखकर मकान मालिक के होश उड़ गए। वह तुरंत पास में ही रहने वाले एक डाक्टर को लेकर आ गया। उसकी हालत देखकर डाक्टर ने इलाज करने से इनकार कर दिया और उसे तुरंत सिम्स ले जाने की सलाह दी।
इस पर वह हीरालाल को लेकर एक अन्य डाक्टर के घर गया। दूसरे डाक्टर ने भी पुलिस केस बताते हुए इलाज करने से इनकार कर दिया। फिर वे उसे लेकर सिम्स के लिए निकले। माया को बर्न यूनिट में भर्ती कराया गया। कुछ ही देर में उसके माता-पिता व परिजन भी वहां पहुंच गए। उन्हंे देखकर हीरालाल वहां से फरार हो गया। मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। कुछ देर बाद महिला ने दम तोड़ दिया। मृतका के पिता दिलीप सिंह की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का अपराध दर्ज कर लिया है। उसकी तलाश की जा रही है।
पहले भी हो चुकी है रिपोर्ट: लगभग 15 दिन पहले भी किसी बात को लेकर हीरालाल व माया के बीच जमकर विवाद हुआ था। उसने माया की जमकर पिटाई भी की थी। माया ने सिविल लाइन थाने में इसकी रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। इसके बाद वह अपने मायके चली गई थी। तीन-चार दिनों पहले ही वह यहां वापस लौटी थी। बताया जाता है कि उसने पुलिस के नाम एक पत्र भी लिखा था, जिसमें उसने हीरालाल से अपनी जान को खतरा होने की बात कही थी।
पड़ोसियों की जागरूकता
इस मामले में उनके पड़ोसियों ने काफी जागरूकता दिखाई। मकान मालिक से घटना के बारे में जानकारी मिलने पर उन्होंने मायके वालों को खबर करने के लिए संपर्क ढूंढ़़ने का प्रयास किया, लेकिन घर से कोई भी जानकारी नहीं मिली। फिर उन्हें ध्यान आया कि माया पास ही स्थित एक एसटीडी बूथ में अक्सर किसी को फोन करने जाती थी। वे वहां पहुंचे और बूथ संचालक से वह नंबर खोजने के लिए कहा। नंबर उसके मायके का ही था। उन्होंने वहां घटना के बारे में जानकारी दी, जिससे रात में ही उसके माता-पिता वहां पहुंच गए।