चूरू: रविवार को खुद के अपहरण का नाटक रचने वाले सिपाही भंवरदास व उनके सहयोगी सिपाही ओमप्रकाश को उनके गैर जिम्मेदाराना कृत्य के लिए पुलिस अधीक्षक ने निलंबित कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को कांस्टेबल भंवरदास के मौसेरे भाई बजरंगदास ने कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा भंवरदास का अपहरण कर लेने की सूचना स्थानीय पुलिस थाना में दी थी। पुलिस ने सिपाही की तलाश के लिए चारों ओर नाकाबंदी करवाई तथा तुरंत मामले की तफ्तीश शुरू कर दी। जांच में यह खुलासा हुआ कि भंवरदास के किसी महिला से संबंध होने के वहम में उस महिला के परिजनों ने कुछ समय पूर्व उसे देख लेने व उसकी उच्चधिकारियों को शिकायत करने की धमकी दी थी।
इस आरोप से बचने के लिए भंवरदास ने अपने मौसेरे भाई बजरंगदास व उसके एक मित्र को अपहरण के षडयंत्र में शामिल किया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि अब तक की तफ्तीश से स्पष्ट हो चुका है कि भंवरदास का किसी ने अपहरण नहीं किया है। वरन उसके द्वारा अपहरण की घटना का नाटक किया गया है। नाटक रचने में भंवरदास का सहयोगी उसके साथी सिपाही ओमप्रकाश भी बना। बुधवार को भंवरदास खुद पुलिस अधिकारियों के समक्ष उपस्थित हुआ, जिस पर पुलिस अधीक्षक जीएल शर्मा ने भंवरदास व उसके सहयोगी बने ओमप्रकाश को निलंबित कर दिया है।
चूरू डीएसपी करेंगे जांच : भंवरदास द्वारा खुद के अपहरण का झूठा नाटक रचने के मामले की जांच चूरू डीएसपी नेविल क्लार्क करेंगे। बुधवार को भंवरदास के उपस्थित हो जाने के बाद पुलिस अधीक्षक ने उसके खिलाफ विभागीय जांच के लिए डीएसपी को नियुक्त किया है।