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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़अब भोपाल में बैठा लिटिगेंट चंडीगढ़ या जयपुर की अदालत में अपने किसी मुकदमे के लिए घर बैठे वकील हॉयर कर सकता है। इसके लिए उसे सैकड़ों किलोमीटर दूर चंडीगढ़ आकर वकील ढूंढने और लीगल काउंसिलिंग हासिल करने की जरूरत नहीं है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से वकीलों को वेबसाइट के जरिए विज्ञापन करने की छूट देने के बाद देश का पहला लीगल पोर्टल शुरू हो गया है। एक अमेरिकी और एक भारतीय कंपनी ने मिलकर 222.ड्डस्र1oष्ड्डह्लद्गद्मद्धoद्भ.ष्oद्व नामक एक वेबसाइट तैयार की है।
जरूरत की सारी जानकारी :
इस वेबसाइट की खासियत यह है कि लिटिगेंट्स अपनी जरूरत के मुताबिक वकील का चयन कर सकते हैं। वेबसाइट पर वकीलों की उम्र, तजुर्बा और किसी विषय में उनकी विशेषज्ञता जैसी सभी जानकारी उपलब्ध होगी। वेबसाइट के जरिए लिटिगेंट्स कुछ सामान्य सवालों के जवाब भी बिना फीस अदा किए हासिल कर सकते हैं।
देश की अदालतों में इस वक्त कुल तीन करोड़ केस पेंडिंग हैं। इनमें 21 हाईकोर्ट्स के 30 लाख और अन्य अदालतों के 2 करोड़ 63 लाख मामले शामिल हैं। इसके अलावा देश की जेलों में लगभग ढाई लाख विचारधीन कैदी हैं। बार काउंसिल की कानूनी पेचीदगी के कारण इस नेटयुग में पिछड़े रहे वकीलों और लिटिगेंट्स दोनों को वेबसाइट से फायदा होगा।
इससे पहले बार काउंसिल नियमों के मुताबिक कोई भी वकील अगर किसी तरह से भी अपना विज्ञापन देता था तो उसे प्रोफेशनल मिस कंडक्ट माना जाता था। 2007 में बार काउंसिल ने नियमों में ढील देते हुए वकीलों को वेबसाइट के जरिए अपना विज्ञापन करने की छूट दी थी। देश में इस वक्त लगभग 10 लाख वकील हैं और हर साल 60 हजार नए लॉ ग्रेजुएटस वकील बनते हैं। वेबसाइट पर देश के 250 जगहों के वकीलों की जानकारी दी गई है।
विदेशों में पहले से है सुविधा :
लगभग सभी पश्चिमी देशों में एडवोकेट्स को अपना विज्ञापन करने की सुविधा है। पूरे विश्व में लगभग 40 लाख लोग ऑनलाइन लीगल हेल्प मांगते हैं।
लेकिन भारत में छोटी सी कानूनी सलाह के लिए भी लिटिगेंट्स को वकीलों के चैंबर्स या फिर कचहरियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
वकील विशेष का नहीं होगा एकाधिकार :
अमूमन किसी भी कोर्ट में अपने आपको सीनियर कहने वाले वकीलों का ही ज्यादातर केसों पर अधिकार होता है। कई काबिल युवा वकील काम से महरूम रह जाते हैं। वेबसाइट में ऑटोमेटेड तकनीक है जो कि किसी लिटिगेंट को उसकी जरूरत और उसकी भौगोलिक स्थिति के अनुसार उसे वकील का ब्यौरा मुहैया करा देती है। इसमें किसी वकील विशेष की फेवर करने की गुंजाइश नहीं रहेगी।इसके अलावा वेबसाइट पर भारतीय कानून, लीगल टिप्स और भारतीय एक्ट की भी पूरी जानकारी होगी।