अहमदाबाद फ्रेंच भाषा में लिखी गई महात्मा गांधी की जीवनी इन दिनों यूरोप में धूम मचा रही है। छह सौ पेज की यह जीवनी फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी की कैबिनेट के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक जैक्स अताली ने लिखी है।
अताली गांधीजी की विचारधारा से खासे प्रभावित हैं। ‘गांधी ओऊ ल एविल देस ह्यूमिलिस’ (गांधी या अपमानितों की जागृति) नामक इस पुस्तक का विमोचन नवंबर 2007 में पेरिस में हुआ था। अब तक इसकी 82 हजार प्रतियां बिक चुकी हैं। प्रकाशक को 60 हजार अतिरिक्त प्रतियां छापने का ऑर्डर मिला है।
23 यूरो (1426 रुपए) मूल्य वाली यह पुस्तक सभी प्रमुख बुकस्टोर्स पर उपलब्ध है। यह पुस्तक फ्रांस के अलावा कनाडा, स्विटजरलैंड, उत्तरी अफ्रीका, बेल्जियम समेत कई अन्य फ्रेंच भाषाई देशों में खूब बिक रही है। जल्द ही इसका अनुवाद यूरोप की अन्य भाषाओं में भी किया जाएगा। फ्रेंच में इससे पहले बापू की जीवनी प्रसिद्ध फ्रांसिसी लेखक रोम्या रोलां ने 1924 में लिखी थी।
क्या कहते हैं अताली
फ्रांस के प्रशासन में पुनर्निर्माण की आर्थिक समिति के प्रमुख अताली का कहना है कि अधिकतर महान लोगों ने अपने कृतित्व से दुनिया को बदला है, वहीं गांधी ने ऐसा अपने विचारों से किया है। मुट्ठीभर श्वेतों के हाथों मानवता को मिले अपमान के वे साकार रूप हैं। दक्षिण अफ्रीका में उन्हें ट्रेन से फेंका जाना इसका सबूत है।
11 माह किया काम
अताली ने गांधीजी द्वारा लिखित अंग्रेजी के लेखों और उन पर अन्य भाषाओं में लिखे गए लेखों का फ्रेंच में अनुवाद किया। उन्होंने खुद गुजरात आकर गांधीजी के बारे में जानकारी एकत्र की। उन्होंने 11 महीनों तक पुस्तक पर काम किया। इस दौरान उन्होंने पोरबंदर, राजकोट और अहमदाबाद की यात्रा की थी।
युद्ध व संकटों से जर्जर दुनिया गांधीजी को 21वीं में अधिक प्रासंगिक मान रही है। -
हेमांग देसाई (किताब के लिए जमीनी शोध व गांधीजी के मूल गुजराती लेखन का इन्हीं ने अंग्रेजी अनुवाद किया था, जिसे बाद में फ्रेंच में अनुदित किया गया।)