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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़फैशन डिजाइनिंग को अब एनिमेशन के जरिए रचा जा सकेगा। इसकी तैयारी के लिए स्टूडेंट्स को पेपर और कपड़े खरीदने की जरूरत नहीं, बल्कि वे एनीमेशन की मदद से मनचाही डिजाइनिंग कर पाएंगे। 3-डी व फैशन का कॉम्बीनेशन पहली बार उत्तर भारत में नवीश सॉल्यूशन ने पेश किया है। इसकी घोषणा माउंट व्यू-10 में बुधवार ‘विजुअल मीडिया’ पर हुई कॉन्फ्रेंस में दी गई।
फैशन व एनिमेशन से जुड़ा यह इंस्टीट्यूट सेक्टर-34 में पहली बार खोला जा रहा है। विजुअल मीडिया यूएसए की कंपनी नवीश सॉल्यूशन की सहयोग के साथ शहर में कंप्यूटर एडेड डिजाइन (सीएडी) कन्सेप्ट लॉन्च कर रहे हैं। सीएडी स्टूडेंट्स को फैशन डिजाइनिंग से संबंधित सभी चीजें कंप्यूटर पर सिखाएगा।
धीरे-धीरे पता चलेंगे फायदे: अजय मलकोटी (जीएम ऑप्टिटेक्स) ने बताया कि 3-डी कंसेप्ट उत्तर भारत में नया है, इसलिए लोगों को इसके फायदे धीरे-धीरे पता चलेंगे। एनिमेशन के साथ फैशन डिजाइनिंग के काफी फायदे हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा स्टूडेंट्स के लिए है कि वह कंप्यूटर पर ही फैशन शो तैयार कर सकते हैं। फैशन डिजाइनिंग में स्टूडेंट्स को सबसे बड़ी दिक्कत मॉडल्स और डमी ढूंढ़ने में आती है। एनिमेशन कोर्स के बाद यह प्रॉब्लम सॉल्व हो जाएगी।
फैशन हब है चंडीगढ़: अजय शर्मा (हेड एनिमेशन एंड विजुअल इफेक्ट) का मानना है कि चंडीगढ़ में स्टूडेंट्स का रुझान फैशन इंडस्ट्री में काफी है। इससे हिमाचल और पंजाब के स्टूडेंट्स चंडीगढ़ में पढ़ना प्रेफर कर रहे हैं। शहर के लोग वैसे भी काफी फैशन को लेकर जागरूक हैं और लेटेस्ट ट्रेंड्स को जल्दी अपना लेते हैं। इसलिए चंडीगढ़ शहर को नॉर्थ में से चुना। फैशन इंडस्र्ट्ी में जॉब्स ऑप्शन: दीपाली गुप्ता (एजीएम विजुअल मीडिया) ने बताया कि फैशन इंडस्ट्री की डिमांड नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर बढ़ रही है। इंटरनेशनल लेवल पर सीएडी की नॉलेज होना बहुत जरूरी है।
3-डी ड्रिपिंग कंसेप्ट
फैशन डिजाइनिंग में अहम काम 3-डी ड्रिपिंग का होगा। इस कंसेप्ट में कंप्यूटर पर 1000 डमीज का इस्तेमाल स्टूडेंट एक समय पर कर सकता है। अपनी मर्जी से कटिंग व साइज डिजाइन बिना पेपर पर काम करे बना सकते हैं। एक क्लिक और ड्रेस तैयार, फास्ट वर्क और कम टाइम में स्टूडेंट्स अपना खुद का फैशन शो तैयार कर सकते हैं।
3-डी एनिमेशन से 3-4 घंटे में ही साइज के हिसाब से एक ड्रेस बन सकती है। इस टेक्नॉलोजी से कोई पेपर और कपड़ा वेस्ट नहीं जाता। स्टूडेंट्स पोज के हिसाब से भी ड्रेस डिजाइन कर सकते हैं, जैसे फॉर्मल ड्रेस में शॉर्ट लेंथ गाउन डांस करते वक्त कैसा लग सकता है, साइक्लिंग करते वक्त स्पोर्ट वियर की फिटिंग, जैसी चीजें शामिल हैं। फैशन डिजाइनिंग को पहले स्टूडेंट्स को एनिमेशन का बेसिक कोर्स करना होगा।