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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़शहर में कारों को पाइप से धोने की वजह से पानी की बर्बादी सबसे ज्यादा हो रही है। एक कार को पाइप से धोने से 10-12 बाल्टियां पानी बर्बाद होती हैं, क्योंकि जिस वक्त कार की धोया जाता है पानी पाइप से बहता रहता है। अगर पाइप की जगह बाल्टी में पानी लेकर कपड़े से गाड़ी को धोया जाए तो 3-4 बाल्टी से ज्यादा पानी नहीं लगेगा। शहर में इस वक्त करीब ढाई लाख कारें हैं और अगर रोज 50 हजार कारों की धुलाई पाइप के बजाय बाल्टी से की जाए तो 8 बाल्टियां पानी का मिसयूज रोका जा सकता है।
इस तरह हम रोज कम से कम 8 लाख बाल्टी पानी का मिसयूज रोक सकते हैं। यह बात छोटी सी है, लेकिन जिस शहर यानी चंडीगढ़ के पास अपना पानी नहीं है, उस शहर के लोगों के लिए पानी की यह बहुत बड़ी बर्बादी है। ‘दैनिक भास्कर’ की ओर से पानी की बचत और मिसयूज रोकने के लिए स्कूलों में शुरू किया गया जल सत्याग्रह इन्हीं छोटी-छोटी बातों की ओर ध्यान दिलाना चाहता है। इस सत्याग्रह में स्कूलों के स्टूडेंट यह बात अच्छी तरह समझ रहे हैं, लेकिन हम सब लोगों को पानी के मिसयूज को रोकने के लिए आगे आना होगा।
समझते हैं पानी की कीमत
सेक्टर-38 वेस्ट गवर्नमेंट सीनियर सेकंडरी स्कूल के स्टूडेंट पानी की कीमत अच्छी तरह समझते हैं। तभी तो पिछले एक हफ्ते से ये स्टूडेंट और टीचर हर रोज पानी की बचत को लेकर कोई नया संकल्प जरूर लेते हैं। इसी कड़ी में इन स्टूडेंट्स ने बुधवार को इस स्कूल में कई कार्यक्रम आयोजित करके पानी की बचत का संकल्प लिया। स्कूल प्रिंसिपल अंशु सिंगला कहती हैं कि पानी की बचत को लेकर स्कूल के सभी स्टूडेंट पूरी तरह से प्रयास कर रहे हैं और दूसरे स्कूलों को भी पानी बचाने के ऐसे ही प्रयास करने चाहिए।