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पगड़ी बांधने से मना करने को लेकर उठे विवाद के चलते बुधवार को लॉरेंस पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल वीना मल्होत्रा ने सिख समुदाय से माफी मांग ली। प्रिंसिपल ने सभी स्टूडेंट्स को आजादी दे दी है कि वे अपनी मर्जी से पगड़ी या पटका बांध सकेंगे।
वहीं, फेज-4 के गुरुद्वारा कलगीधर सिंह सभा में तीनों स्टूडेंट्स और उनके पेरेंट्स को सम्मानित किया गया। फेज-8 के लॉरेंस पब्लिक स्कूल में मंगलवार को प्रिंसिपल ने 10वीं क्लास के तीन स्टूडेंट्स को पगड़ी बांधने से मना किया था। इसके विरोध में बुधवार सुबह 8 बजे फेज-4 के गुरुद्वारा साहिब से स्कूल तक रोष मार्च निकाला गया, जिसमें कई सिख संगठनों के
प्रतिनिधियों ने भाग लिया। स्कूल के बाहर पहुंचकर इन लोगों ने नारेबाजी की और पाठ किया। इस पर प्रिंसिपल वीना मल्होत्रा ने स्कूल से बाहर आकर सभी लोगों के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगी। प्रिंसिपल ने कहा कि उनका मकसद किसी भी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। उन्होंने कहा कि वे पगड़ी न बांधने के फैसले को वापस लेती हैं और यह सुनिश्चित करती हैं कि भविष्य में इस तरह की बात नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि उन बच्चों पर भी इसका कोई असर देखने को नहीं मिलेगा और वे सामान्य दिनों की तरह पढ़ाई करेंगे।
सिख संगठनों के प्रतिनिधियों के कहने पर प्रिंसिपल ने लिखित रूप से भी माफी मांगी। स्कूल में तीनों स्टूडेंट्स इंद्रजीत सिंह, गुरसेवक सिंह और रविइंद्र सिंह बुधवार को भी पगड़ी बांधकर आए। उनका कहना था कि वे कभी स्कूल में बिना यूनिफॉर्म वाली पगड़ी बांधकर नहीं आएंगे।
उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि वे अपने धर्म का पालन कर सकेंगे। स्कूल के बाहर विरोध करने पहुंचे एसजीपीसी सदस्य हरदीप सिंह ने कहा कि पगड़ी को लेकर विदेशों में उठे विवादों को लेकर सिख समुदाय अपने हक के लिए लड़ रहा है, लेकिन ऐसा यहां होना अफसोस की बात है। वहीं फेज-4 के गुरुद्वारा साहिब के प्रधान दलीप सिंह मल्ली और जरनल सेक्रेटरी जे.पी. सिंह ने बताया कि प्रिंसिपल ने लिखित रूप से भी माफी मांग ली है।