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पति को 15 हजार में मिली वापस

ग्वालियर. एक महिला ने पति से नाराज होकर घर छोड़ा तो उसे ऐसे लोग मिल गए जिन्होंने उसकी मजबूरी का फायदा उठाकर बहलाया-फुसलाया और मात्र बारह हजार रुपए में बेच डाला। जब महिला के घरवालों को इस बात का पता चला तो वे महिला को खरीदने वाले को पन्द्रह हजार रुपए चुकाकर उसे वापस ले आए। यह महिला बुधवार की सुबह जनकगंज थाने में अपने परिजनों के साथ पहुंची। पुलिस ने इसकी शिकायत पर सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों में दो महिलाएं भी हैं।

टीआई जनकगंज दीपक भार्गव के अनुसार, जागृति नगर में रहने वाली अमीषा (काल्पनिक नाम) की 29 मार्च को पति से नोकझोंक हो गई थी। इससे नाराज होकर महिला ने घर छोड़ दिया। वहअपने छह महीने के बच्चे को पति के पास ही छोड़ गई। घर छोड़ने के बाद अमीषा लक्ष्मीगंज चौराहे पर पहुंची थी कि उसे शांति बाई नामक वृद्ध महिला मिल गई।

अमीषा ने उसे आपबीती सुनाई तो महिला ने सहानुभूति व्यक्त की। अमीषा ने खुद को अपने जीजा के यहां छोड़ देने के लिए कहा। शांति उसे जीजा के बजाय सूबे की पायगा स्थित अपने घर ले गई। यहां शांति के बेटे छोंदा ने महिला के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद अपने रिश्तेदार पप्पू जोशी की मदद से इसे बेचने का सौदा उटीला थानाक्षेत्र के टिहौली गांव में रहने वाले पोखन यादव से कर लिया। पोखन बारह हजार रुपए कीमत चुकाकर इसे खरीद लिया।

पन्द्रह-बीस दिन तक पोखन ने इसे अपने घर में रखा। इस बीच जनकगंज पुलिस को भी इसके टिहौली गांव में होने की सूचना मिल गई। पुलिस दबिश देने पहुंची तो पोखन महिला को लेकर परिवार सहित लापता हो गया।

इस बीच महिला के मायकापक्ष के परिजनों का टिहौली के कप्तान सिंह नामक युवक से संपर्क हुआ। इसने परिजनों को आश्वासन दिया कि वह पन्द्रह हजार रुपए देंगे तो अमीषा उन्हें लौटा दी जाएगी। परिजनों ने सौदा मंजूर कर लिया और कप्तान सिंह के माध्यम से पोखन को पन्द्रह हजार रुपए दिए और महिला को मुक्त करा लिया।

बुधवार की सुबह महिला जनकगंज थाने पहुंची, पुलिस ने इसकी शिकायत पर छोंदा और पोखन के खिलाफ दुष्कर्म और बलात्कार किए जाने तथा राजा, पप्पू, कप्तान, रामश्री और शांति के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र और बंधक बनाने का मामला दर्ज किया है। दो आरोपियों छोंदा और पोखन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।





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