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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior शिवपुरी. प्रदेश के जल संसाधन और जिले के प्रभारी मंत्री अनूप मिश्रा ने केन्द्रीय संचार एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के क्रियान्वयन में मप्र में बताए जा रहे भ्रष्टाचार के मसले पर आमने-सामने बैठकर खुली बहस करने की चुनौती दी है।
श्री मिश्रा बुधवार को संवाददाताओं से चर्चा कर रहे ते। उन्होंने कहा है कि यदि सिंधिया में हिम्मत है तो वे उन सभी राज्यों की रिपोर्ट सार्वजनिक करें, जहां कांग्रेस अथवा उनके सहयोगी दलों की सरकारें हैं और वहां ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना लागू है। यदि ऐसा वे नहीं कर सकते हैं तो मैं उनसे खुली बहस करने के लिए तैयार हूं।
श्री मिश्रा ने कहा कि ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना मप्र में सबसे बेहतर तरीके से संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि केन्द्रीय राज्यमंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया प्रदेश सरकार पर इस योजना को पलीता को लगाने का आरोप लगा रहे हैं तो वे सबसे पहले उन रिपोर्ट्स को सार्वजनिक करें, जो केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री रघुवंश प्रसाद के पास हैं। ये रिपोर्ट दर्शाती हैं कि मप्र में सबसे अच्छा कार्य हुआ है और कांग्रेस तथा इसके सहयोगी दलों की सरकारों वाले प्रदेशों में स्थिति कहीं अधिक खराब है।
श्री मिश्रा ने कहा कि उन्होंने (सिंधिया ने) अभी शुरूआत की है, पर यदि वे जनता के हितैषी हैं तो वे यह बताएं कि शिवपुरी की जनता की प्यासी क्यों है, जबकि आजादी के बाद 50 से अधिक साल तक कांग्रेस सरकार में रही.?
श्री मिश्रा ने श्री सिंधिया द्वारा क्षेत्र की जनता के साथ बताए जाने वाले ढाई सौ साल पुराने संबंधों पर भी सवाल उठाया और कहा कि यदि ऐसा है तो यहां संकट क्यों है और इस पर पहले क्यों नहीं सोचा गया.? उन्होंने कहा कि संबंध कई प्रकार के होते हैं, एक लेनदेन के और एक सूखे।
दो माह पूरा कराएंगे इंटेकवेल का काम
जल संसाधन एवं जिले के प्रभारी मंत्री अनूप मिश्रा ने कहा कि मड़ीखेड़ा डैम से शिवपुरी शहर को पानी लाने के लिए इंटेकवेल बनाने का कार्य चल रहा है। इसके लिए 1 करोड़ रुपए की राशि का चैक उन्होंने पीएचई महकमे को दो दिन पूर्व ही दिया है और जल्द ही वे एक करोड़ रुपए और लेकर आएंगे।
श्री मिश्रा ने कहा कि इंटेकवेल का निर्माण मानसून से पूर्व ही प्राथमिकता के आधार पर करने के प्रयास किए जा रहे हैं, क्योंकि यदि डैम भर गया और इंटेकवेल निर्माण डैम के भराव से ऊपर नहीं आ पाया तो शहर की पेयजल समस्या कभी नहीं मिटेगी। इसलिए हमारी कोशिश है कि आगामी दो माह में ही इस कार्य को डैम के अधिकतम वाटर लेवल से ऊपर तक पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने बताया कि इसके लिए कलेक्टर को निजी तौर पर रोजाना समीक्षा करने और इंटेकवेल निर्माण में तेजी लाए जाने के आदेश दिए गए हैं।