जयपुर: ‘मैं टी-20 फॉर्मेट के हिसाब से एकदम फिट प्लेयर हूं।’ कुछ इस अंदाज में पूर्व क्रिकेटर और विकेट कीपर फारुख इंजीनियर, सी-स्कीम स्थित एक ज्वैलरी के शोरूम में आए। आईपीएल मैच में मैच रैफरी के तौर पर जयपुर आए इंजीनियर के लिए मौका भी खास था। दरअसल वे अपनी वेडिंग एनिवर्सरी के अवसर पर वाइफ जूली को तोहफा पसंद कराने आए थे। उनकी इस विजिट के दौरान लाइट और वॉर्म मोमेंट्स को सिटी रिपोर्टर ने कैप्चर किया।
ज्वैलरी के विशाल म्यूजियम में एमरल्ड और रूबी की जानकारी लेने के दौरान इंजीनियर क्रिकेट से अछूते न रह पाए। लेकिन वे पहली ही लाइन कहते-कहते रुक गए और पूछने लगे- ‘कहीं मीडिया के लोग तो नहीं? मैं कुछ भी अच्छा बोलता हूं तो उसमें न्यूज बन जाती है।’ इस बीच सिटी रिपोर्टर ने कहा, ‘न्यूज न सही टिप्स तो दीजिए। मैं स्टेट टीम में विकेट कीपिंग करती हूं।’
इस पर फारुख ने झट से पूछा- ‘अच्छा, तो बताइए विकेट कीपिंग का स्टांस क्या होता है?’ फारुख ने कहा कि कीपिंग महज आई एंड बॉल कॉर्डिनेशन का काम है। बॉल के बाउंस के अनुसार विकेट कीपर को भी अपना काम करना होता है। जैसे महेंद्र सिंह धोनी काफी जल्दी उठ जाते हैं.. यह बोलते-बोलते फारुख रुक गए और फिर बोले-‘ओह, मैं फिर मीडिया से बात करने लगा।’
याद किए पिछले दिनविजिट के दौरान उन्होंने म्यूजियम की तारीफ करते हुए कहां कि यह तो एकदम महल जैसा है। जयपुर का सारा हैरिटेज यहां नजर आ रहा है। इसके साथ वे वहां मौजूद कालाजी ज्वैलरी के चेयरमैन संजय काला, चेयरमैन विवेक काला और बाकी विजिटर्स से कभी क्रिकेट, तो कभी ज्वैलरी की चर्चा कर रहे थे। क्रिकेट के अपने दिनों को याद करते हुए उन्होंने बताया कि उन दिनों हमें टेस्ट मैच के 250 रुपए ही मिलते थे, वन-डे के 50 और रणजी के 15 रुपए।
ऐसे में पैसे तो ट्रेन के सफर में ही खर्च हो जाते थे। आज का क्रिकेट काफी अलग है। लेकिन जिस तरह मैं पहले खेलता था, उस हिसाब से तो मैं टी-20 का परफैक्ट प्लेयर हूं। इस पर किसी ने उनसे खेलने को कहा तो वे अपनी फीजीक का ध्यान दिलाते हुए बोले कि अब खेलना मुमकिन नहीं। यह सुन सारे माहौल में हंसी के ठहाके गूंज गए। इन सबके बीच उनकी वाइफ ने पन्ना, माणक, रूबी लाइट की ज्वैलरी देखी और ब्लू टोपाज की एक रिंग भी पसंद की।
शाहरुख का हगफारुख ने पिछले दिनों शाहरुख खान से हुई मुलाकात के बारे में भी बताया कि शाहरुख ने उन्हें हग किया और कहा कि वे उनको आइडल मानते हैं। इंजीनियर ने पब्लिक डिमांड पर सिक्स मारने वाले जयपुर के अपने दोस्त सलीम दुरानी को भी याद किया। सिटी रिपोर्टर से उन्होंने पूछा कि विकेट कीपिंग के दौरान कितनी फिंगर तुड़वाई? वे अपने हाथ दिखाकर बोले ऐसे होते हैं कीपर के हाथ। बॉल काफी जोर से लगती है तो हथेली सख्त हो जाती है, एकदम सॉलिड।
फारुख को इस बात का कोई रिग्रेट नहीं कि वे आज का क्रिकेट नहीं खेल रहे, लेकिन वे आज यूज में आ रहे क्रिकेट एक्विपमेंट्स को पहले से बेहतर बताते हैं। पहले टैस्ट मैच में 250 रन एक दिन का एव्रेज स्कोर होता था। लेकिन आज टी-20 फॉर्मेट में महज 20 ओवरों में 250 रन बनाए जाते हैं, फिर भी वह टीम हार जाती है। गर्मजोशी और खुश मिजाजी की यह विजिट आखिर खत्म हुई क्योंकि मैच के लिए फारुख को समय पर पहुंचना था। वाइफ के लिए रिंग का ऑर्डर ले, कल फिर मिलने का वादा किए वे चले गए।