News
Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. छत्तीसगढ़ भवन में लाल सलाम लिखे कपड़े के दो टुकड़े मिलने के मामले में पुलिस अब तक आरोपियों का पता नहीं लगा सकी है। राज्य में बढ़ रही नक्सली गतिविधियों के मद्देनजर पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है।
11 अप्रैल को छत्तीसगढ़ भवन में लाल सलाम लिखे दो कपड़े के टुकड़े मिले थे। पुलिस ने इसे नक्सली मूवमेंट के बजाय असामाजिक तत्वों की हरकत करार देकर जांच का आश्वासन दिया था। इसके बाद मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। आज तक पुलिस उस कथित असामाजिक तत्व को नहीं पकड़ सकी है। छत्तीसगढ़ भवन में वीआईपी, मंत्री, सचिव स्तर के अधिकारी ठहरते हैं। ऐसे में लाल सलाम लिखे कपड़े का मिलना काफी गंभीर बात है।
शहर में हाईकोर्ट, कलेक्टोरेट, पुलिस लाइन आदि संवेदनशील जगह भी हैं, जहां नक्सली नजर रखे हुए हैं। सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह कमजोरी से कोई बड़ा हादसा हो सकता है। मामले के आरोपियों को पुलिस को गिरफ्तार करना चाहिए, जिससे असलियत सामने आ सके।उल्लेखनीय है कि 11 अप्रैल की सुबह मार्निग वाक पर निकले लोगों ने छत्तीसगढ़ भवन में पोस्ट आफिस के सामने व नेहरू चौक के कार्नर पर लोहे की फेंसिंग में लगे कपड़े के दो टुकड़े देखे थे। नक्सली घटनाओं के मद्देनजर लोगों में सनसनी फैल गई थी और पूरे दिन यह चर्चा का विषय रहा। सेंट्रल जेल में 20 से अधिक नक्सली कैदियों की मौजूदगी भी गंभीरता का विषय है।
जिले में बढ़ी नक्सलियों की आमदरफ्त
खुफिया विभाग की रिपोर्ट को गंभीरता से लें तो जिले के लोरमी, खुड़िया, अचानकमार के पहाड़ी इलाकों में और पेंड्रा, रतनपुर में नक्सलियों का आना-जाना है। कुछ दिनों पूर्व रतनपुर में तीन संदिग्ध लोगों को देखा गया था, जिन पर नक्सली होने का संदेह जताया जा रहा था, पर बिना सबूत के उन्हें पकड़ा नहीं जा सका। बाद में आश्चर्यजनक रूप से तीनों व्यक्ति गायब हो गए थे। इसी तरह सेंट्रल जेल, पुलिस लाइन पर भी नक्सलियों की नजर है और यहां सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने के निर्देश दिए गए हैं।