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पसीना बहाकर दिनभर जांचीं कापियां

बिलासपुर. यूनिवर्सिटी के नवनिर्मित रजत जयंती सभागार में आज निजी कालेज के असिस्टेंट प्रोफेसरों की बदौलत सुबह 11 बजे केंद्रीय मूल्यांकन शुरू हुआ। कालेजों में आज से ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू हो जाने के कारण असिस्टेंट प्रोफेसर उत्तरपुस्तिका की जांच करने नहीं पहुंचे। पहले दिन बीए व बीकाम की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन विषय विशेषज्ञों द्वारा किया गया।

हर साल की तरह इस बार भी मूल्यांकन का पहला दिन होने के कारण विषय विशेषज्ञों की संख्या कम रही। महज 20 असिस्टेंट प्रोफेसर उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने पहुंचे, लेकिन वे आकर पछताए बगैर नहीं रह सके। सभागार में एसी लगा है, लेकिन उसे चालू नहीं किया गया। वहां कूलर नहीं होने के कारण पंखे की हवा के सहारे मूल्यांकन कार्य शुरू हुआ। थोड़ी देर बाद ही पंखे की हवा गर्म हो गई और विषय विशेषज्ञों को पूरे दिन तेज गर्मी के बीच कापियां जांचनी पड़ी। वे गर्मी के कारण परेशान होते रहे। उन्हें हर दो घंटे में 25 कापियां मूल्यांकन के लिए दी गई।

इधर आगामी दिनों में विषय विशेषज्ञों की संख्या में वृद्धि होने की संभावना तो जताई जा रही है, लेकिन सूत्र ये भी कहते हैं कि शासकीय कालेजों के विषय विशेषज्ञ कम संख्या में ही इस बार केंद्रीय मूल्यांकन कार्य में शामिल होंगे। पिछले कुछ सालों में शासकीय अवकाश में हुई कटौती के बाद वे गर्मी की छुट्टियों के दौरान शासकीय सेवा में रुचि कम ही दिखाते हैं।

परिवार के साथ छुट्टियां मनाने या तो वे बाहर जाते हैं या फिर घर पर ही रहकर आराम करना उन्हें पसंद आता है। सूत्र कहते हैं कि मूल्यांकन के बदले मिलने वाली मानदेय राशि को लेकर उनका असंतुष्ट होना भी एक कारण है। वहीं दूसरी ओर निजी कालेजों में तनख्वाह कम मिलने के कारण असिस्टेंट प्रोफेसर मूल्यांकन कार्य करने अप्रोच तक लगाते हैं। सभी जांचकर्ताओं को स्नातक कक्षाओं के लिए 5 रुपए तो स्नातकोत्तर कक्षाओं की प्रत्येक उत्तरपुस्तिका का मूल्यांकन करने के बदले 8 रुपए मानेदय के रूप में दिया जाता है।





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