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ऐसे मारा कि पेट का बच्चा मर गया

गौरेला. b इस घटना में मृत नवजात कपड़ों में लिपटा घर में पड़ा है, वहीं नवप्रसूता मां अस्पताल में दाखिल है। उधर पुलिस इस घटना की रिपोर्ट ही नहीं दर्ज कर रही है।

घटना गौरेला थाना अंतर्गत ग्राम बेलगहना के तलवाटोला की है। यहां रजमतिया बाई बैगा (40) मां के साथ रहती है। डेढ़ साल पहले उसके पति प्रेमलाल की मौत हो चुकी है। रजमतिया बाई ने बताया पड़ोस में रहने वाले लक्ष्मण भरिया से उसके प्रेम संबंध थे, जिससे उसे 9 माह का गर्भ था। संबंधों के खुलासे से होने वाली बदनामी के डर से 26 अप्रैल की रात लक्ष्मण घर में पहले से छुपकर बैठा था। सबके सोने के बाद वह रजमतिया का गला दबाने लगा।

उसने छुड़ाने का प्रयास किया, तो वह सीने व पेट में लात-घूंसे मारने लगा। इसी बीच लक्ष्मण ने वहीं पड़े राड से रजमतिया पर प्राणघातक वार किया, जिससे वह खून से लथपथ जमीन पर गिर पड़ी। बीच-बचाव करने आई मां को भी उसने पीटा व बाद में फरार हो गया। घायल मां-बेटी रातभर दर्द से तड़पती रही। शोर सुनकर पड़ोसी वहां जुट गए।

सुबह अस्पताल ले जाने का साधन वे ढूंढ रहे थे, इसी बीच घर में रजमतिया ने मृत नवजात को जन्म दिया। जिसे एक कपड़े में लपेटकर घर में छोड़कर ग्रामीण इन दोनों को लेकर थाने होते हुए अस्पताल चले गए। 27 अप्रैल की दोपहर लगभग 11 बजे दोनों को ग्रामीणों ने गौरेला सेनोटोरियम पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। इधर घर में मृत नवजात कपड़ों में लिपटा पड़ा है।

थाने में नहीं लिखी गई रिपोर्ट

ग्रामीणों ने पहले फोन से पुलिस को सूचना दी, तो उन्हें कहा गया कि घायलों को थाने ले आओ। दोनों की गंभीर स्थिति होने से उन्हें थाने नहीं ले जाया जा सका। देर रात ग्रामीण थाने पहुंचे, तो वहां दरवाजा बंद था। किसी ने नहीं सुना, तो ग्रामीण लौट गए। सुबह ग्रामीणों ने पुन: थाने में सूचना दी। तो वहां एएसआई ने दोनों घायलों को अस्पताल ले जाने कहा। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने के बाद जब शाम को पुन: ग्रामीण थाने गए, तो एएसआई ने उनसे इशारे से पूछा कि कुछ लाए हो। ग्रामीण ने कहा-कुछ नहीं लाए हैं। तब उन्हें भगा दिया गया।

न तो अस्पताल से सूचना आई न किसी ने रिपोर्ट की

इस बाबत एएसआई से पूछने पर उन्होंने कहा सुबह कुछ लोग आए थे। उन्हें महिला का इलाज कराने अस्पताल भेजा गया। अस्पताल से इस संबंध में कोई सूचना नहीं दी गई है। न ही ग्रामीण दुबारा रिपोर्ट लिखाने आए। जब यह पूछा गया कि मामला आपकी जानकारी में आ गया है, तो अब तक अपराध दर्ज क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सब कुछ चैनल के हिसाब से होता है। जब तक कोई रिपोर्ट नहीं होगी, हम कुछ नहीं कर पाएंगे?

इसलिए नहीं दी गई सूचना: डा. पैकरा

सेनेटोरियम अस्पताल के प्रभारी डा. श्रीमती सुभद्रा पैकरा ने बताया कि भर्ती कराने आए लोगों ने कहा कि, थाने में रिपोर्ट की गई है। इसलिए थाने में सूचना नहीं भेजी गई। इंतजार किया जा रहा है कि थाने से मुलाहिजा हेतु आवेदन आएगा।





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