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सरकार ने भेजी पाताल तोड़ बोरिंग मशीन

शिवपुरी. सूखाग्रस्त शिवपुरी जिले में पेयजल की गंभीर समस्या को देखते हुए राज्य शासन ने शिवपुरी जिले को एक पातालतोड़ बोरिंग मशीन भेजी है। प्रभारी मंत्री की अनुशंसा पर मिली इस बोरिंग मशीन ने शिवपुरी आते ही अपना काम भी चालू कर दिया है और पहला बोर ग्राम रामनगर में किया।

इस बोरिंग मशीन की खासियत यह है कि यह 500 फीट से अधिक गहराई तक बोर कर सकेगी। सूखा प्रभावित जिलों में पेयजल से राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने ऐसी दो बोरिंग मशीनें खरीदी हैं, जिनमें एक शिवपुरी को तो दूसरी टीकमगढ़ जिले को दी गई है। जानकारों का मानना है कि इस बड़ी बोरिंग मशीन से पेयजल समस्या के निदान में काफी संबल मिलेगा।

प्रदेश सरकार द्वारा भेजी गई इस बोरिंग मशीन का उद्घाटन कलेक्टर मनीष श्रीवास्तव ने जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम रामनगर में किया। इस गांव में पेयजल की समस्या गंभीर रूप धारण कर चुकी है। कलेक्टर ने मशीन का विधिवत पूजन कर नलकूप खनन का कार्य शुभारंभ कराया।

इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आर के मिश्रा, कार्यपालन यंत्री पीएचई जीके दीक्षित, सहायक यंत्री मैकेनिकल बी एस राठौर, भोपाल के श्री आशुदानी, रिंग इंचार्ज बी के अग्निहोत्री और उपयंत्री ललित गुप्ता और ग्रामीणजन उपस्थित थे।

कलेक्टर ने बताया कि राज्य शासन ने गहरे नलकूप खनन करने के लिए डीटीएच शासकीय मशीन दो क्रय की हैं,जिनमें एक शिवपुरी जिले में 500 फीट से अधिक गहरे नलकूप खनन के लिए भेजी गई। दूसरी मशीन टीकमगढ़ जिले को प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि शिवपुरी जिले में पेयजल समस्या के निदान में यह बोरिंग मशीन संबल प्रदान कर पानी मुहैया कराने के लिए कारगार साबित होगी।

इस मशीन से जिले के ऐसे क्षेत्र जहां 500 फीट से अधिक जलस्तर चला गया है, उनमें नलकूप खनन कर पानी प्रदान करने में सहायक होगी। कार्यपालन यंत्री पीएचई जी के दीक्षित ने बताया कि इस शासकीय मशीन के माध्यम से आठ इंच चौड़ा 500 फीट से अधिक गहरा ट्यूबवेल लगाया जा सकेगा।

फिलहाल इस मशीन से पहला बोर कोलारस अनुविभाग के ग्राम रामनगर में लगाया जा रहा है। इसके बाद उन ग्रामों में भी स्वीकृति के आधार पर नलकूप का खनन कराया जाएगा, जिनमें ग्रामीणों को पीने के पानी उपलब्ध नहीं है।





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