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क्या आप कंप्यूटर यूज किए बिना एक दिन रह सकते है ?

मुंबईचाहे टीन एज युवा हो या अधेड़ उम्र के लोग कंप्यूटर से निकली इंटरनेट क्रांति ने लोगों की लाईफस्टाइल ही बदल दी है। आप किसी सायबर कैफै में चले जाये वहां आपको लगभग हर उम्र के लोग सायबर स्पेस की दुनिया में विचरण करते हुए मिल जाएगें। ईमेल ,चैट ,नौकरी की तलाश के साथ साथ जीवन साथी और ऑन लाईन प्यार के खुमार में डूबे हुए युवा। ऐसे में यह सवाल मौजू हो जाता है कि क्या आप कंप्यूटर का उपयोग किए बिना एक दिन रह सकते है?जी हां 03 मई 2008 को शटडाउन दिवस मनाने का अभियान शुरू हुआ है और लोंगो से यह अपील की जा रही है कि वे 03 मई को अपने कंप्यूटर को शटडाउन रखते हुए अपनी जिंदगी के २४ घंटे गुजारे और जिंदगी में आने वाले परिवर्तन को महसूस करें।

कैसे हुई शुरूआत

मिचेल टेलर और डैनिस बायस्ट्राव ने जब देखा कि उनके शहर में अधिकांश टीनएज युवा अपना अधिकांश समय कंप्यूटर के सामने जाया करते है और इंटरनेट की दुनिया ने उनके सामाजिक जीवन को बदल कर रख दिया है जिससे वे अपने आसपास के लोंगो से एक प्रकार से कट से गए है।

इसके बाद मिचेल टेलर और डैनिस बायस्ट्राव ने सोचा क्या इंसान एक दिन कंप्यूटर यूज किए बिना नहीं गुजार सकता है? अपने इसी विचार को विश्व में प्रचारित करने के लिए इन दोनों ने शटडाउन डॉट ओआरजी नाम की वैबसाइट बनाई और लोगों से अपने इस अभियान में जुड़ने की अपील की है। अभी तक विश्व के कई भागों से 52,000 से अधिक लोगों ने इस साइट पर संदेश भेजा है कि वे इस बार 03 मई को शटडाउन दिवस में भाग लेंगे। टैलर ने उम्मीद जताई है कि यह संख्यां 100,000 तक जा सकती है ।

वैबसाइट के फांउडर सदस्यों में आशुतोष राजेकर भी है। राजेकर खुद भी कंप्यूटर के अधिक उपयोग के आदि थे और उनकों भी लगा कि एक दिन कंप्यूटर से दूर रहने का आइडिया अच्छा है। इसके बाद डैनिस और आशुतोष ने एक टीम बनाई और एक नॉन प्राफिट संघठन का निमार्ण किया जो शटडाउन डे प्रोजेक्ट की सफलता के लिए कार्य करेगा ।

2007में कैसा रहा था रिस्पांस

शट डाउन डे की शुरूआत 2007 में उस वक्त हुई थी जब डैनिस बायस्ट्राव को ऐसा लगा कि वे अपनी जिंदगी में कंप्यूटर का उपयोग अधिक कर रहे है और उनको अपनी जिदंगी में एक ऐसा दिन निकालना चाहिए जिसे वे अपने परिवार के साथ बिता सके ।

इसके बाद डैनिस ने अपने मित्र मिचेल टैलर और डेवीड ब्ररीडल (फिल्मकार) के साथ मिलकर शटडाउन डॉट ओरजी वैबसाइट का निमार्ण किया ।

आइडिया बहुत साफ था क्या आप सोचते है कि आप बिना कंप्यूटर का उपयोग किए 24 घंटे रह सकते है और अगर आपका जबाब हां है तो प्लीज ऐसा करें ?

और इस प्यारे से प्रश्न को पहली बार 2007 में ही इंटरनेट की दुनिया में बेहतर रिस्पांस मिला।

2007 के अभियान में क्या खास था >> शटडाउन वैबसाइट को 1महीने के अभियान में 1.6 मिलियन लोगों ने विजिट किया

>> 65,000से अधिक लोगों ने इस अभियान में सक्रिय भाग लेते हुए अपने कंपूटर को 24 मार्च 2007 को शट डाउन रखा था।

>> शटडाउन के विचार पर 200,000 ऑन लाइन फोरम में लोंगो के बीच बहस हुई और पापुलर न्यूज चैनलों पर इसकी जबरदस्त चर्चा रही इसमें सीएएन फॉक्स न्यूज और टीवीएस के नाम प्रमुख है।

शट डाउन डे का लक्ष्य क्या है शट डाउन डे का प्रमुख लक्ष्य लोंगो में इस बात को लेकर जागरूकता फैलाना है कि वे एक दिन कंप्यूटर से दूर रहकर जाने की उनकीं वास्तविक दुनिया को टैक्नोलॉजी ने कितना प्रभावित किया है। वे लोग जो घर पर कंप्यूटर का उपयोग करते है उनसे इस बार 03 मई को शट डाउन डे में भाग लेने की अपील की गई है।

लेकिन शट डाउन डे के दिन ऑफिस , अॅस्पताल , बैंक , स्कूल कॉलेज , स्टॉक मार्केट आदि अति आवश्यक जगहों पर लोग इस दिन भी कंप्यूटर का यूज कर सकते है।

क्या आप सोचते है कि आप बिना कंप्यूटर का उपयोग किए 24 घंटे रह सकते है ?





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Dr. Kapil Arya
Saturday, 3rd May 2008, 16:41
no. I canot think about life without use of computer even a single day. its related to our daily use just like to lunch, dinner and breakfast.