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Chhattisgarh
Raipur Raipur नारायणपुर. ब्रेहबेड़ा के करीब शुक्रवार दोपहर 3 बजे माओवादियों ने बारूदी सुरंग विस्फोट कर माइन प्रोटेक्टेड व्हीकल को उड़ा दिया। विस्फोट से वाहन में सवार सीआरपीएफ के कमांडिंग आफिसर समेत पांच लोग घायल हो गए।
सीआरपीएफ की 63वीं बटालियन के जवानों का वेतन लेकर शुक्रवार सुबह कमांडिंग अफसर पीआर सब्बरवाल समेत 12 जवान माइन प्रोटेक्टेड व्हीकल (एमपीव्ही) से कुरुसनार बेस कैंप के लिए निकले थे। वापस लौटते वक्त घात लगाए माओवादियों ने एक के बाद एक लगातार तीन बारूदी सुरंग विस्फोट किए।
विस्फोट इतना जबरदस्त था कि धूल के गुबार के साथ एमपीव्ही करीब 15 फुट ऊपर उछल गया और उसके पुर्जे 150 मीटर के दायरे में बिखर गए। विस्फोट में सीओ सब्बरवाल और ड्राइवर बाबूलाल घायल हो गए, जबकि अन्य तीन जवानों को मामूली चोटें आई हैं।
विस्फोट के बाद नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू की। जवानों ने भी फौरन मोर्चा संभाल जवाबी फायरिंग की। जवानों ने नक्सलियों पर तीन हैंड ग्रेनेड भी फेंके। कुछ ही देर बाद नक्सली भाग खड़े हुए। माओवादियों का इरादा जवानों के हथियार लूटने का था, लेकिन वे इसमें कामयाब नहीं हो पाए।
पुलिस के मुताबिक विस्फोट में 8 0 किलो से ज्यादा बारूद का इस्तेमाल किया गया था। घटनास्थल नारायणपुर से 6 किमी दूर है। इस मार्ग पर पुलिस व दीगर सुरक्षा बलों के जवानों की बढ़ी आमदरफ्त को देखते हुए नक्सलियों ने करीब चार माह पहले इस क्षेत्र में सड़क खोद दी थी।
समझा जाता है कि इसके बाद ही यहां बारूदी सुरंग बिछाई गई होगी। नारायणपुर इलाके में ही माओवादियों ने पहली दफे 17 मई 2005 को एमपीव्ही को निशाना बनाया था। इसमें तत्कालीन एसपी रविंद्र भेड़िया बाल-बाल बचे थे। इसके चार माह बाद ही बीजापुर के पदेड़ा में बारूदी सुरंग विस्फोट से एमपीव्ही उड़ा दिया था, जिसमें सीआरपीएफ के 19 जवान मारे गए थे।