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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने कालाबाजारियों और जमाखोरों पर सख्ती का फैसला किया है। महंगाई को रोकने के लिए केंद्र के निर्देश के बाद ऐसा किया गया। व्यापारियों का मानना है कि इससे राज्य में एक दशक बाद इंस्पेक्टर राज की वापसी हो जाएगी।
सरकार ने खाद्यान्न, दाल और खाने के तेल की जमाखोरी रोकने के लिए सख्ती का फैसला किया है। सरकार की सोच है कि एक साल के दौरान खाद्यान्न, दालें और खाने के तेल की कीमतें जमाखोरी और कालाबाजारी की वजह से बढ़ीं। इसे रोकने के लिए छग अनुसूचित वस्तु (अनुज्ञापन एवं जमाखोरी पर र्निबधन) आदेश 2008 लागू किया जाएगा। इसे ही इंस्पेक्टर राज की वापसी माना जा रहा है।
कैबिनेट की बैठक के बाद खाद्यमंत्री सत्यानंद राठिया ने बताया कि नियंत्रण आदेश लागू करने का मुख्य उद्देश्य बड़े व्यापारियों, कमीशन एजेंटों और प्रसंस्करणकर्ता के यहां खाद्यान्न, दालों एवं तेल की खरीदी-बिक्री पर निगरानी रखना है। इन जरूरी वस्तुओं की जमाखोरी रोकने के लिए संग्रहण की अधिकतम स्टाक सीमा भी तय कर दी गई।
इसके तहत व्यापारी निर्धारित मात्रा से अधिक स्टाक जमा नहीं कर सकेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियंत्रण आदेश में छोटे एवं मध्यम व्यापारियों को लाइसेंस की परिधि से बाहर रखा गया है। फैसला केंद्र सरकार को भेजा जा रहा है।
चैंबर करेगा विरोध : पूरन
छत्तीसगढ़ चैंबर्स आफ कामर्स के चेयरमैन पूरनलाल अग्रवाल ने कहा कि इस फैसले से इंस्पेक्टर राज की वापसी होगी। चैंबर इसका कड़ा विरोध करेगा। उन्होंने कहा कि महंगाई देश में विदेशी कंपनियों को प्रमोट करने से बढ़ी है।
इससे छोटे कारोबारियों का धंधा चौपट हो रहा है। सिटी माल संस्कृति उनका हक मार रही है। इनके पास सरकार को बड़ा अघोषित स्टाक मिल जाएगा। श्री अग्रवाल ने कहा कि महंगाई व्यापारियों के स्टाक रखने से हुई, यह सोच गलत है इसलिए कड़ा विरोध होगा।
महंगाई कम होने की उम्मीद नहीं
अर्थशास्त्री और पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र अध्ययनशाला के आचार्य डा. आर प्रसाद ने कहा कि इंस्पेक्टर राज से जमाखोरी नहीं होगी और महंगाई कम होगी, ऐसी संभावनाएं काफी कम हैं। जिनमें जमा करने और ज्यादा से ज्यादा लाभ कमाने की प्रवृत्ति है, वह दूसरे रास्ते निकालेगा।
व्यापारी इंस्पेक्टरों को साधेंगे। इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। श्री प्रसाद ने कहा कि विदेशी कंपनियों को रोकना इसलिए संभव नहीं है क्योंकि भारत ग्लोबलाइजेशन मेंबर है। भारत की वस्तुएं भी विदेशों में बिकती हैं।