अजमेर. जेएलएन मेडिकल कॉलेज प्राचार्य जनाना अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत के मामले की जांच कराएंगे। संभवतया शनिवार को जनाना अस्पताल प्रशासन को आदेश प्राप्त हो जाएंगे। अस्पताल की कार्यवाहक अधीक्षक डॉ. निर्मला पांडे ने बताया कि मृतका परमिंदर सिंह कौर की पूरी केस हिस्ट्री कब्जे में ले ली है।
परमिंदर शनिवार को किसी प्राइवेट चिकित्सक को दिखाने के बाद जनाना अस्पताल आई थी। उसने एमटी पिल्स खा ली थी और बच्च गिरा कर गर्भ समापन की बात कही। उसकी हालत देख कर उसी दिन सेप्टिक लेबर रूम में उनकी यूनिट की जूनियर रेजीडेंट डॉक्टर ने डीएनसी कर दी। इसके बाद बुधवार को परमिंदर दोबारा अस्पताल आई और पेट दुखने की शिकायत की।
इस पर उसकी सोनोग्राफी कराई गई, जिसमें नली में अंश मौजूद रहने पर उसका दोबारा ऑपरेशन करने की नौबत आई। डॉ. पांडे ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्राचार्य द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड मामले की जांच करेगा। उन्होंने बताया कि वह आज अवकाश पर थीं और डाक देख नहीं सकीं, शनिवार को जरूर आदेश प्राप्त हो जाएंगे।
एंबूलेंस तक नहीं
परमिंदर की मृत्यु के सदमे में बेहाल रिश्तेदारों की परेशानी उस समय और बढ़ गई, जब रात को अस्पताल की एंबूलेंस से मरीज को नहीं ले जाने दिया गया। मृतका के परिजन के आग्रह के बावजूद अस्पताल प्रशासन ने एंबूलैंस नहीं भेजी। बाद में पुलिस की मदद से रेडक्रॉस सोसायटी की एंबूलैंस मंगवाकर परिवार वाले रात को ही शव घर ले गए।
बिगड़ा केस
गुरुवार की रात को डॉ. निर्मला पांडे के नेतृत्व में रेजीडेंट डॉक्टरों परमिंदर कौर के ऑपरेशन में जुटी हुई थी, लेकिन उसका केस बिगड़ते ही डॉ. पांडे समेत सभी चिकित्सकों के हाथ-पांव फूल गए। केस को संभालने के लिए जनाना अस्पताल प्रशासन ने रात में ही जेएलएन अस्पताल के सर्जन डॉ. टीपी देवपुरा, डॉ. पूर्णिमा पचौरी, डॉ. अरविंद खरे और डॉ. विजयलक्ष्मी जैन को एंबूलैंस भेज कर बुलाया। परमिंदर कौर के ऑपरेशन के समय 11 चिकित्सक मौजूद थे, लेकिन बचाने में कामयाबी नहीं मिली।
..पहले ही पुलिस बुलाई
रात को जब परमिंदर की मृत्यु हो गई और अस्पताल में मौजूद उसके रिश्तेदार व परिजन के तेवर देखे, तो डॉ. पांडे ने पहले ही एहतियात के तौर पर पुलिस बुला ली। दो जीपों में पुलिसकर्मी अस्पताल पहुंचे।
पीछे के दरवाजे से..
मृतका के परिजन का आक्रोश देख डॉ. टीपी देवपुरा और डॉ. पांडे समेत सभी चिकित्सक पीछे के दरवाजे से एंबूलैंस में बैठकर चुपचाप रवाना हो गए।