बीकानेर. इंदिरा गांधी नहर परियोजना की चारणवाला माइनर पर डिच माइनर का काम शुरू होने से पहले ही विरोध शुरू हो गया है। पहले से वन विभाग से विवाद हो गया लेकिन स्थानीय काश्तकार सामने आ गए। गुरुवार व शुक्रवार को काश्तकारों ने यहां काम नहीं होने दिया।
किसानों ने महिलाओं को मशीन के आगे लिटा दिया। इससे कुछ देर के लिए काम ठप हो गया लेकिन शुक्रवार को जैसे ही काम शुरू हुआ तो फिर महिलाएं आगे आ गई। दूसरी ओर किसानों ने मौके पर नारेबाजी कर विरोश किया। विरोध को भांपते हुए अभियंता बैरंग वापस लौट आए।
अभियंताओं ने विरोध होने व काम बंद करने की सूचना मुख्य अभियंता कुंदनलाल को दी। शुक्रवार को आईजीएनपी प्रशासन ने संभागीय आयुक्त, अतिरिक्त संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर पुलिस जाफ्ता की मांग की। अधिकारियों ने लिखा कि लोगों के विरोध के चलते डिच माइनर का काम शुरू नहीं हो पा रहा है।
गौरतलब है कि डिच माइनर का विरोध इसकी घोषणा के साथ ही शुरू हो गया था। कांग्रेसी नेता हुक्माराम बिश्नोई ने किसानों के साथ आईजीएनपी मुख्यालय पर प्रदर्शन भी किया था। उस समय तो प्रशासन ने दबाव में काम रोक दिया था लेकिन मुख्यमंत्री की घोषणा होने के कारण काम दुबारा शुरू किया।
मुख्य सचिव से लेकर अन्य अधिकारियों का इस काम को पूरा करने का दबाव है। मुख्य अभियंता से भी मुख्यमंत्री ने इसकी प्रगति जानी थी। अब काम शुरू होते ही फिर विरोध शुरू हो गया है। सूत्रों के मुताबिक अभियंता अब पुलिसबल के साथ ही मौके पर जाएंगे।
मुख्य अभियंता कुंदनलाल का कहना है कि डिच माइनर से स्थानीय किसानों को ही लाभ होगा। किसानों ने मुख्यमंत्री से डिच माइनर बनाने का अनुरोध किया था लेकिन कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन से इसमें सहयोग मांगा है।