पाली. गुड़ा एंदला थाना क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग 14 पर रामासिया के समीप ट्रबो तथा सेना के वाहन में हुई टक्कर के बाद घायल हुए सैनिक को देखकर उसके साथी भड़क गए और उन्होंने अन्य टैंकर के चालक को सड़क पर पीट-पीट कर अधमरा कर दिया। बाद में उसकी उपचार के दौरान मृत्यु हो गई।
घटना के बाद सैनिकों ने सड़क पर करीब आधा घंटे तक उधम मचाकर अराजकता का माहौल पैदा कर दिया। उन्होंने इस मार्ग से गुजरने वाले कई चालकों की पिटाई कर डाली जिससे दहशत फैल गई। देर रात ग्रामीण डीएसपी अरुण कुमार माच्य समेत भारी पुलिस जाप्ता मौके पर पहुंच कर स्थिति को संभाला।
पुलिस के अनुसार माउंटआबू में तैनात सिखलाई बटालियन के जवान जोधपुर से माउंटआबू जा रहे थे। पाली व गुंदोज के बीच गांधी फार्म हाउस के पास सामने तेज गति से आ रहे ट्रबो आरजे-19-0505 के चालक जोधपुर निवासी चीमनाराम ने सेना के वाहन को टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह टक्कर इतनी जोरदार थी कि सेना के वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। ट्रबो चालक मौके से फरार हो गया।
चालक नायक कमलजीतसिंह केबिन में फंस गया। इस बीच अन्य टैंकर भी सड़क के बीच में आ गया। इसके पीछे चल रहे अन्य सेना के वाहनों में बैठे हुए जवानों ने घायल सैनिक को काफी प्रयास के बाद बाहर निकाला। इस दौरान गुस्सए जवानों ने दूसरे वाहन चालकों को रोककर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इस मार्ग से गुजर रहे टैंकर चालक देवाराम प्रजापत निवासी वायद को इन लोगों ने खींचकर नीचे उतार दिया तथा दर्जनों सैनिक उस पर पिल पड़े। करीब पचास से भी अधिक जवानों ने काफी देर तक सड़क पर उधम मचाया।
इससे एकबारगी हाईवे पर दहशत का माहौल बन गया। मामले की जानकारी के बाद गुंदोज पुलिस चौकी प्रभारी भवानीसिंह राजपुरोहित ने मौके पर पहुंचकर घायल देवाराम को उपचार के लिए बांगड़ अस्पताल में भर्ती कराया जहां रात 9.30 बजे उसकी मृत्यु हो गई। चालक की मौत की सूचना के बाद ग्रामीण डीएसपी अरुण कुमार माच्य मौके पर पहुंच गए है।
सेना के करीब सौ से अधिक जवानों के भी मौके पर होने के चलते एहतियात के तौर पर आरएसी के जवानों को तैनात किया गया है। माच्य ने बताया कि टैंकर के खलासी वायद निवासी रताराम की रिपोर्ट पर सैनिकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। वहीं आरोपी ट्रबो चालक के खिलाफ सेना के सूबेदार सुरेन्द्रपालसिंह ने मुकदमा दर्ज कराया है। इस मामले में दोनो तरफ से मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सहम गई पुलिस भी
सड़क दुर्घटना की जानकारी के बाद मौके पर सैनिकों के जमावड़े को देखकर एकबारगी पुलिस भी सहम गई। चौकी प्रभारी भवानीसिंह राजपुरोहित ने चतुराई से काम लेते हुए पूरी स्थिति को संभाला और सैनिकों को समझाइश कर काफी मुश्किल से शांत किया।
आंखों में उतरा था खून
अपने साथी कमलजीतसिंह को लहूलुहान देख उसके साथियों की आंखों में मानो खून उतर आया। जोधपुर से करीब सौ सैनिक उक्त वाहन के साथ-साथ चल रहे थे। सैनिकों को देखकर आरोपी चालक तो वहां से फरार हो गया, मगर पीछे अन्य टैंकर आगे आ जाने के कारण चालक देवाराम प्रजापत सहित अन्य उनके कोप का भाजन बने। प्रजापत ने रहम की भीख भी मांगी मगर सैनिक लातों व घुंसों से उसे पिटते रहे।
भागकर बचाई जान
अपने साथी को घायल देख तिलमिलाए सैनिकों के गुस्से से हर कोई दहशत में था। ट्रबो के पीछे आ रहे टैंकर चालक को पीटते देख अन्य चालकों ने अपने वाहन छोड़ भागने में भी लगे थे। जिसको जिधर रास्ता मिला वह उस ओर हो लिया।