इंदौर. शैल सिटी को शुक्रवार सुबह 7.30 बजे कलेक्टर विवेक अग्रवाल के निर्देशन में सील कर दिया गया। दो तहसीलदार और तीन टीआई के साथ भारी पुलिस बल पहुंचा और कर्मचारियों को बाहर निकालकर मनोरंजन पार्क व ऑफिस रिसेप्शन के दरवाजों पर ताले लगा दिए। यह कार्रवाई शैल सिटी के संचालकों द्वारा सात वर्षो से डायवर्शन टैक्स के 43 लाख रु. जमा नहीं कराने पर की गई। यदि एक माह में टैक्स जमा नहीं किया गया तो नीलामी की कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई के लिए सुबह 6.15 बजे ही सिमरोल थाने पर बल जुटा लिया गया था और महू एसडीएम राहुल जैन ने थाने को ही कंट्रोल रूम बना लिया था। करीब 35 पुलिसकर्मियों को उन्होंने वहीं रखा और 50 से ज्यादा को कार्रवाई के लिए भेजा।
कार्रवाई में तहसीलदार सुदीप मीणा व मनोज चौरसिया, तीन टीआई किशनगंज के अजबसिंह भदौरिया, मानपुर के आर.पी. राजपूत व बड़गौंदा के जी.पी. शाक्य भी शामिल थे। इतनी तैयारी इसलिए की गई क्योंकि प्रशासन को आशंका थी कि कार्रवाई के दौरान बल प्रयोग करना पड़ सकता है किंतु ऐसी नौबत नहीं आई। तहसीलदार श्री मीणा व श्री चौरसिया ने कर्मचारियों को बाहर निकलने के लिए कहा। फिर उन्होंने अंदर जाकर कमरों को चेक किया ताकि कोई वहां सोता न जाए।
29 को चस्पा किया था नोटिस : शैल सिटी कांग्रेस विधायक प्रेमचंद गुड्डू की बेटी रीना बौरासी के नाम पर है। जिला प्रशासन को सात वर्षो से इसका डायवर्शन टैक्स नहीं मिला। इसके लिए दो मर्तबा नोटिस भी जारी किया गया था।
तहसीलदार मीणा ने बताया हमने पहले भी नोटिस दिए थे किंतु शैल सिटी के संचालकों का कोई जवाब नहीं आया। 28 अप्रैल को नोटिस तामिल नहीं हुआ तो 29 अप्रैल को चस्पा कर दिया गया था।