इंदौर.
हरियाली सम्पन्न कॉलोनियों में रहने वाले बच्चों में अस्थमा का खतरा कम होता है। एक स्वास्थ्य पत्रिका में छपे शोध में यह खुलासा किया गया है कि किसी इलाके में पेड़ों का घनत्व जितना ज्यादा होता है बच्चों में अस्थमा का खतरा उसी अनुपात कम होता है और जहां पेड़ों का घनत्व कम होता है वहां यह खतरा बढ़ जाता है।
इंदौर में अस्थमा के मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि का भी यही कारण है। शहर में लगभग दो लाख से भी अधिक अस्थमा के मरीज हैं। एक अनुमान के मुताबिक हाल के वर्षो में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई हुई है। यहां पांच सालों में लगभगभ आठ हजार पेड़ काट डाले गए।
इंदौर में लगभग 20 हजार बच्चे अस्थमा से पीड़ित: इंदौर शहर के चेस्ट फिजिशियन डॉ. अनिल अग्रवाल बताते हैं शहर में लगभग दो लाख अस्थमा मरीज हैं और हर साल इनकी संख्या में पांच से सात फीसदी वृद्धि हो रही है।
इसकी मुख्य वजह वायु प्रदूषण का बढ़ना है। विकास के साथ-साथ शहर के हरे-भरे क्षेत्र हाल के दिनों में तेजी से सिकुड़े हैं। एम.पी. चेस्ट सेंटर के अधीक्षक डॉ. अतुल खराटे कहते हैं जिले की कुल आबादी में पांच वर्ष से कम उम्र के डेढ़ लाख बच्चे हैं जिनमें 15 से 20 हजार अस्थमा से पीड़ित हैं।
पांच सालंों में आठ हजार पेड़ कटे : इंदौर में ऐसी गिनी-चुनी ही कॉलोनियां हैं जो हरियाली की दृष्टि से संपन्न हैं। इनमें पूर्वी रिंगरोड, रेसीडेंसी एरिया, स्कीम-94, साकेत नगर, लोकमान्य नगर और राजेंद्र नगर प्रमुख हैं। अन्य इलाकों की अपेक्षा यहां ज्यादा पेड़-पौधे हैं।
तस्वीर का दूसरा पहलू यह है कि शहर में पांच सालों में लगभग आठ हजार से अधिक पेड़ काट दिए गए। हालांकि शहर में वर्ल्ड गार्डन डे के अवसर पर सौ से ज्यादा बगीचे लगाने का संकल्प लिया गया है। इससे उम्मीद है कि शहर में हरियाली के क्षेत्रों में इजाफा होगा।
हरियाली ने घटाई अस्थमा मरीजंों की संख्या : स्वास्थ्य पत्रिका जर्नल ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड कम्युनिटी हेल्थ में छपे अमेरिका के कोलंबिया विश्वविद्यालय द्वारा कराए गए शोध के मुताबिक न्यूयॉर्क में प्रति वर्ग किमी के दायरे में पेड़ों की संख्या में 350 की वृद्धि होने से अस्थमा रोगियों में 29 फीसदी की कमी आई। शोध में कहा गया है कि घर के बाहर ज्यादा पेड़-पौधे होने से वायुमंडल में ऑक्सीजन की मात्रा तो बढ़ती ही है साथ ही बच्चों में भी खेलने में रुचि बढ़ती है।
ज्यादा पेड़, ज्यादा स्वस्थ बच्चे : न्यूयॉर्क में कराए गए एक सर्वे में भी पता चला कि कम हरियाली वाले इलाकों के मुकाबले ज्यादा हरे-भरे इलाकों में अस्थमा पीड़ित बच्चों की संख्या कम थी। न्यूयॉर्क में नौ फीसदी बच्चे इस रोग से पीड़ित हैं। यहां 1980 से 2000 के बीच अस्थमा का प्रकोप 50 फीसदी तक पहुंच गया था, जिनमें गरीब शहरी इलाकों में रोगियों की सबसे ज्यादा संख्या थी।
पेड़ों से बढ़ती है प्रतिरोधक क्षमता : कोलंबिया विश्वविद्यालय से जुड़े डॉ. गिना लोवासी कहते हैं फूलों के परागकण, धूल और बैक्टीरिया शुरुआती समय में बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का काम करते हैं। उनका यह भी कहना है कि पेड़-पौधे वाली कालोनियों में बच्चों को खेलने के लिए ज्यादा जगह मिलती है इससे भी उनकी प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा होता है।