वाशिंगटन. क्या आप जानते हैं कि दुनिया में पांच वर्ष से कम उम्र के हर पांचवें बच्चे की मौत का कारण निमोनिया की बीमारी है।
ऐसे में एक ओर जहां टीकाकरण करने से निमोनिया से होने वाली मौतों को आधा किया जा सकता है वहीं दूसरी ओर इस बीमारी से बचे हुए लोगों की इलाज के लिए नई नीति बनानी होगी।
शोधकर्ता जे. एंथोनी, जी स्कॉट और माइक इंग्लिस का कहना है कि ऐसे में अगर निमोनिया के दूसरे कारणों जसे स्टेफाइलोकोकस नामक बैक्टीरिया आदि पर ध्यान न दिया गया तो टीकाकरण जसी चीजों का कोई महत्व नहीं रह जाएगा।
उन्होंने कहा कि हमने विकासशील देशों में दमा, निमोनिया, टीबी, एड्स जसी बीमारियों के प्रसार के कारणों की जांच करनी होगी।
शोधकर्ताओं ने यह भी कहा कि हमें निमोनिया के फैलाव के विभिन्न कारणों पर नजर रखनी होगी।