मुंबई.
प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष सी. रंगराजन ने इस सप्ताह 7.54 फीसदी के शिखर पर पहंच चुकी महंगाई की दर के तीन माह में गिरकर 6 फीसदी तक आ जाने की उम्मीद जताई है। उन्होंने यह भी कहा है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में धीमेपन के बावजूद मजबूत घरेलू घटकों के आधार पर देश की अर्थव्यवस्था 8-8.5 फीसदी की विकास दर हासिल करने में कामयाब रहेगी।
एसएमई कांफ्रेंस के दौरान पत्रकारों से बातचीत में रंगराजन ने कहा, ‘महंगाई असहनीय स्तर पर पहुंच चुकी है और इस पर काबू पाने के लिए सरकार की ओर से कई तरह के मौद्रिक और वित्तीय उपाय किए गए हैं। मेरा मानना है कि यह अगले तीन माह में 6 फीसदी तक नीचे गिर सकती है।’ उन्होंने कहा कि महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए किए गए उपायों के परिणाम कुछ समय बाद सामने आएंगे। खाद्यान्न की अच्छी खरीद और अच्छे मॉनसून की संभावना भी महंगाई को नीचे लाने में मदद करेगी।
रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रंगराजन ने कहा, ‘घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की रुकावटें विकास की रफ्तार को धीमा कर सकती हैं। फिर भी मेरा मानना है कि 8-8.5 फीसदी की विकास दर हासिल की जा सकती है।’
इससे पहले कॉन्फ्रेंस में रंगराजन ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र से लघु व मध्यम आकार के उद्योग (एसएमई) को ऋण का प्रवाह अब भी पर्याप्त नहीं है। उन्होंने इसके लिए बैंकों को एसएमई को ऋण के संवितरण में बढ़ोतरी करने के अलावा लघु इकाइयों के लिए राज्य स्तरीय वेंचर कैपिटल फंड शुरू करने की इच्छा जताई है।
एसएमई एक्सचेंज पर विचार कर रही है सेबी
बाजार नियामक संस्था सेबी ने कहा है कि एसएमई एक्सचेंज की स्थापना पर सलाह-मशविरे की प्रक्रिया वह इस माह के अंत तक पूरी कर लेगी। यह जानकारी सेबी चेयरमैन सीबी भावे ने यहां आयोजित कॉन्फ्रेंस में दी। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से प्राप्त जानकारी को अंतिम निर्णय के लिए सेबी बोर्ड को प्रस्तुत किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि निवेशकों में एसएमई एक्सचेंज के प्रति भरोसा जगाने के लिए मनोनीत सलाहकार नियुक्त करने के सुझाव पर भी विचार किया जा रहा है।