नई दिल्ली. कांग्रेस और वामदलों ने अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश द्वारा अनाज की बढ़ती कीमतों के लिए भारत में बढ़ते उपभोग को जिम्मेदार ठहराने पर बुश को आड़े हाथों लिया है।
वामदलों ने शनिवार को इस बयान को देश के आंतरिक मामलों में ‘घोर हस्तक्षेप’ करार दिया। वरिष्ठ भाकपा नेता गुरुदास दासगुप्ता ने कहा, ‘हमारे देश के उपभोग स्तर से बुश का कोई लेना-देना नहीं है। उन्हें अपने देश की समस्याएं देखनी चाहिए।’
बुश के बयान को ‘कोरी बकवास’ बताते हुए माकपा नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने साफ कहा है कि पश्चिमी देश, खासकर अमेरिका, अनाज की विश्वव्यापी महंगाई के लिए जिम्मेदार हैं।
उधर, अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, ‘तथ्य कुछ और बोलते हैं। भारत शुद्ध रूप से अनाज आयातक देश नहीं है। यह खाद्यान्न निर्यातक है। ऐसे में यह आकलन कि बदले हुए भारत के कारण स्थानीय कीमतें बढ़ रही हैं, पूरी तरह गलत है।’
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