नई दिल्ली.तलाकशुदा पत्नी के प्रेमी की हत्या के 26 साल पुराने मामले में शनिवार को अदालत ने एक रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल को उम्रकैद की सजा सुनाई। रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल एस.जे. चौधरी ने व्यापारी कृष्णा सिकंद की पार्सल बम भेज कर हत्या कर दी थी। बम बनाने में पाकिस्तानी हैंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया गया था।
चौधरी इस बात से बौखला गए थे कि उनकी तलाकशुदा पत्नी एक व्यापारी से प्यार करती है और उससे शादी करना चाहती है। वे इस शादी के खिलाफ थे और दो अक्टूबर 1982 को उन्होंने कृष्णा सिकंद के सुन्दरनगर स्थित घर पर पार्सल बम भेजकर उनकी हत्या कर दी थी।
शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश ममता सहगल ने खचाखच भरी अदालत में फैसला सुनाया, ‘मैं आपको 40 वर्षीय कृष्णा सिकंद की हत्या के जुर्म में आजीवन कारावास की सजा देती हूं।’ 70 वर्षीय चौधरी पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। कोर्ट ने 28 अप्रैल को उन्हें इस मामले में दोषी करार दिया था। जिस समय फैसला सुनाया गया, उस समय अदालत में दोनो पक्षों के लोग मौजूद थे।
इससे पहले सीबीआई ने कोर्ट से मांग की थी कि चूंकि चौधरी ने सुनियोजित तरीके से बिना किसी कारण कृष्णा सिकंद की हत्या की है इसलिए उसे फांसी की सजा दी जाए।चौधरी के वकील एस.पी. मिनोचा ने सीबीआई की मांग का यह कहते हुए विरोध किया कि यह नृशंस हत्या का मामला नहीं है इसलिए उनके मुवक्किल को मृत्युदंड नहीं दिया जाना चाहिए। मिनोचा ने कहा कि चौधरी के खिलाफ इससे बड़ी साजिश और क्या होगी कि उनकी पत्नी तलाक का केस अदालत में होने के बावजूद कृष्णा सिकंद के साथ रह रही थी। चौधरी ने देश के लिए लड़ते हुए दुश्मनों के दांत खट्टे किए हैं और इसके लिए उन्हें कई मैडल मिले हैं इसलिए उनके साथ अदालत को नरमी बरतनी चाहिए।
दोनों पक्षों की जिरह सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश ममता सहगल ने सीबीआई की मांग खारिज कर दी और चौधरी को उम्रकैद की सजा सुनाई।