नई दिल्लीएक साल के भीतर जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, वहां की सरकारों ने अपने नेताओं को जनता से संपर्क करने में कठिनाई नहीं होने देने के पुख्ता प्रबंध कर लिए हैं। इन नेताओं के आसमानी चुनावी दौरों के लिए बड़ी संख्या में हेलीकाप्टरों की खरीद की तैयारी शुरू की गई है। एक अनुमान के अनुसार इस पर कुल मिलाकर 450 करोड़ रुपए खर्च होने हैं। छत्तीसगढ़ सरकार पहले ही 40 करोड़ रुपए की लागत से एक हेलीकाप्टर खरीद चुकी है, जबकि मध्यप्रदेश सरकार भी जल्द ही 60 करोड़ रुपए की लागत से अगस्ता वेस्टलैंड 139 खरीदने जा रही है।
डीजीसीए के अनुसार देश में इस समय 193 हेलीकॉप्टर और 806 विमान हैं, लेकिन राजनेताओं या अन्य वीआईपी लोगों को चार्टर के रूप में बीस हेलीकॉप्टर और लगभग इतने ही विमान उपलब्ध हैं। ऐसे में अक्सर किराये के लिए विमानों या हेलीकाप्टरों का अभाव बना रहता है। चुनाव के समय तो स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।
हाल ही में उप्र और गुजरात में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान नेताओं को इसी हालात से गुजरना पड़ा था। अब राज्य सरकारें नहीं चाहतीं कि उनके यहां भी ऐसी ही स्थिति उत्पन्न हो।
अगले कुछ माह के दौरान मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश और जम्मू एवं कश्मीर में चुनाव होने हैं जहां सत्तारूढ़ राज्य सरकारों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हैं। सारी कवायद इसी प्रतिष्ठा को बचाने के लिए की जा रही है। मध्यप्रदेश सरकार एक नया हेलीकॉप्टर अगस्ता वेस्टलैंड 139 खरीदने की तैयारी कर रही है जिस पर करीब 60 करोड़ रुपए खर्च होंगे। हालांकि राज्य में दो हेलीकॉप्टर और एक सुपर किंग एयर बी 200 विमान पहले से ही हंै। एविएशन डायरेक्टर अरुण कोचर के अनुसार वीवीआईपी उड़ानों के लिए राज्य का एक हेलीकॉप्टर दस साल पुराना पड़ चुका है। लिहाजा यह खरीद की जा रही है।
वहीं, राजस्थान की वसुंधरा सरकार तीन हेलीकॉप्टर खरीदने की तैयारी में है। महाराष्ट्र सरकार 42 करोड़ रुपए की लागत से ईसी 145 हेलीकॉप्टर और आंध्रप्रदेश सरकार साठ करोड़ रुपए की लागत से नया अगस्ता वेस्टलैंड 139 हेलीकॉप्टर खरीदने जा रही है।
किस्से किसिम-किसिम के
माया का नया जेट :
उप्र की मुख्यमंत्री मायावती भी नए-नवेले उड़न खटोले में घूमेंगी। उनका नया प्रीमियर एक्जीक्यूटिव जेट आ चुका है। इस पर करीब 50 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। वैसे वे एक नया बेल 212 हेलिकॉप्टर भी खरीदने की तैयारी कर रही हैं जिस पर करीब 40 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
लालबत्ती का चस्का :
छत्तीसगढ़ के एक मंत्री चार्टर हेलिकॉप्टर पर सवार होकर दिल्ली के लिए रवाना होने वाले थे। उन्होंने पायलटों से कहा, लालबत्ती क्यों नहीं लगाते? दिल्ली में इतने हवाईजहाजों में स्टेट हेलिकॉप्टर का कैसे पता लगेगा?
बंद आंखों से सिलेक्शन : छत्तीसगढ़ के एक हेलिकॉप्टर के पंखे का एक पुर्जा मेंटीनेंस इंजीनियर ने गलती से उल्टा फिट कर दिया था। इसके बाद हेलिकॉप्टर दुर्घटना का शिकार हुआ और दो पायलट मारे गए। सरकार ने इस इंजीनियर को वहां से हटा दिया। अब ये महाशय राजस्थान सरकार के एविएशन विभाग में मेंटीनेंस का काम देख रहे हैं।
दस हेलिकॉप्टर ही खरीद लेते : झारखंड सरकार ने पिछले सात साल के दौरान हेलिकॉप्टरों के किराये पर 312 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। माना जा रहा है कि इतने खर्च में 10 से ज्यादा हेलिकॉप्टर खरीदे जा सकते थे।
‘‘पिछले एक-दो साल में राज्य सरकारों में विमानों और हेलीकॉप्टरों की खरीद का नया ट्रेंड उभरा है। ज्यादातर सरकारें हेलीकॉप्टर खरीद रही हैं, क्योंकि दूरदराज के क्षेत्रोंे में हवाई पट्टियां नहीं होने की वजह से हेलीकॉप्टरों से आना-जाना ज्यादा आसान है। - कानू गोहेन, महानिदेशक, डीजीसीए