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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़शनिवार सुबह पीयू के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज (यूआईएलएस) के एग्जामिनेशन हॉल में परीक्षा दे रहे सिमरजीत सिंह पर कुछ छात्रों ने तलवारों से हमला कर दिया। सिमरजीत को पीजीआई में भर्ती कराया गया है, जहां ऑपरेशन के बाद भी उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। सिमरजीत यूआईएलएस में थर्ड ईयर का स्टूडेंट है। हमले में सिमरजीत को पीठ और पेट पर गंभीर चोटें आई हैं। हमले के दौरान आरोपियों ने एग्जामिनर और यूआईएलएस के डायरेक्टर के साथ भी अभद्र व्यवहार किया।
इस मामले में यूआईएलएस के ही स्टूडेंट रमनदीप सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज करावाई। शिकायत में रमनदीप ने सोपू नेता हरप्रीत सिंह मुल्तानी, गुरसेवक सिंह, जुझर सिंह ग्रेवाल और बिक्रमजीत सिंह उर्फ बबलू को हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया।
क्या हुआ : शनिवार को एग्जाम शुरू हुए अभी आधा घंटा ही हुआ था कि तलवारों और दूसरे धारदार हथियारों से लैस सोपू नेता हरप्रीत सिंह मुल्तानी ने अपने साथियों के साथ एग्जामिनेशन हॉल में सिमरजीत हमला कर दिया। इस दौरान हॉल में तैनात एग्जामिनर, डिपार्टमेंट के डायरेक्टर ने आरोपियों को रोकने की कोशिश की तो उनके साथ अभद्रता की।
हमले के बाद मुल्तानी अपने साथियों के साथ मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना पुलिस को दी गई और सिमरजीत को बेहोशी की हालत में पीजीआई ले जाया गया। रमनदीप की शिकायत के आधार पर मुल्तानी समेत चारों आरोपियों पर 147, 148, 149, 307, 452 और 506 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया। लेकिन कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। सिमरजीत के बेहोश होने की वजह से पुलिस अभी तक उसके बयान नहीं ले पाई है।
आपसी रंजिश :
करीब एक माह पहले मुल्तानी और उसके कुछ साथियों की पीयू में पिटाई हुई थी। यह हमला उसी हमले की जवाबी कार्रवाई माना जा रहा है। डेढ़ साल में पीयू में इस तरह की आधा दर्जन घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन पीयू प्राशसन इसे रोकने में नाकामयाब है। यहां हर माह एक हिंसक वारदात जरूर हो जाती है। एनुअल एग्जाम के दौरान अक्सर ऐसा होता है।
सिक्योरिटी पर हर माह 5 लाख :
पीयू हर माह सिक्योरिटी के अलावा प्राइवेट सिक्योरिटी पर 5 लाख रुपए खर्च करता है। कैम्पस में बाकायदा पुलिस चौकी है। पीयू के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर के पद पर चंडीगढ़ पुलिस के रिटायर्ड डीएसपी विजयपाल सिंह हैं। शनिवार को आरोपी कैम्पस में तलवार और दूसरे हथियार लेकर आए और कोई रोकने वाला नहीं था।
आरोपी पीयू से ‘तड़ीपार’ इस मामले में सोपू नेता हरप्रीत सिंह मुल्तानी समेत सभी चारों आरोपियों को पीयू से सस्पेंड कर दिया है। मामले की जांच के लिए पीयू प्रशासन द्वारा दोपहर गठित कमेटी की रिपोर्ट के बाद देर शाम हुई मीटिंग में यह फैसला लिया गया। पीयू के डीयूआई को सौंपी गई रिपोर्ट में आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की गई थी। इसके बाद शाम को करीब 9 बजे हुई मीटिंग में मुल्तानी समेत चारों आरोपियों को पीयू से सस्पेंड कर दिया गया। इसके अलावा उनकी पीयू में एंट्री पर रोक लगाते हुए कैम्पस से तड़ीपार कर दिया गया है। पीयू इस मामले की ज्यूडिशियल इन्क्वायरी करवाएगा।