जयपुर.राजस्थान आवासन मंडल अध्यक्ष और आयुक्त के बीच चल रहे विवाद के दौरान राज्य सरकार ने अध्यक्ष के अधिकार सीमित करने वाले उस सकरुलर (कार्यसंचालन विनियम) को कड़ाई से लागू करने के आदेश जारी कर दिए, जो पूर्ववर्ती अध्यक्ष मानसिंह देवड़ा के समय जारी किया गया था। शनिवार को जारी किए गए नगरीय विकास विभाग के इस आदेश से मंडल अध्यक्ष अजयपाल सिंह के अधिकार एक तरह से सीज हो गए हैं।
प्रोजोन लिबर्टी को भूमि आबंटन के मामले के बाद पहले तो सरकार ने अजयपाल सिंह के फैसलों की जांच कराई और फिर मंडल बैठक में हुए निर्णयों की क्रियान्विति पर रोक लगा दी थी। अब सरकार के नए निर्देशों में उनके अधिकार सीमित कर आयुक्त को ज्यादा अधिकार दे दिए गए हैं।
नगरीय विकास विभाग के प्रमुख शासन सचिव की ओर से मंडल आयुक्त अजय सिंह चित्तौड़ा को जारी निर्देशों में कहा गया है कि वर्ष 2002 में बनाए गए कार्यसंचालन विनियमों की कड़ाई से पालना की जाए। इन विनियमों में अध्यक्ष की शक्तियां सीमित की हुई हैं और आयुक्त को सरकार का यह निर्देश अजयपाल सिंह की शक्तियों को कम करने वाला माना जा रहा है। अब तक मंडल में सारे काम अध्यक्ष के निर्देशों से हो रहे थे।
नए आदेश के कारण अध्यक्ष की कई शक्तियों पर पाबंदी लग गई है। यह उस समय हुआ है जब मंडल मुख्यालय में चित्तौड़ा व अजयपाल सिंह में विवाद चल रहा है। पिछले दिनों यह विवाद गरमा गया था। गौरतलब है कि अध्यक्ष साधारण सभा में पारित प्रस्तावों के अनुसार भी पावरफुल थे, लेकिन अब नए आदेश की पालना होने पर अतिरिक्त शक्तियों का भी इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। अध्यक्ष अब न तो निरस्त पंजीकरण पुनर्जीवित कर सकेंगे और न ही भूमि आबंटन के मामलों में अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल कर सकते हैं। इतना ही नहीं अभी तक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से लेकर उप आवासन आयुक्त तक तबादले-पोस्टिंग का अधिकार अध्यक्ष के पास था, लेकिन अब एक्सईएन स्तर तक के सभी ट्रांसफर और पोस्टिंग करने का अधिकार आयुक्त को होगा।
इसके अलावा भूमि आबंटन और नीलामी के मामलों में समय पर पैसा जमा नहीं होने पर अध्यक्ष द्वारा एक साल की अवधि बढ़ाने का अधिकार, पैनल्टी व इस पर लगने वाले ब्याज को माफ करने का अधिकार और मंडल की स्वीकृति की आशा में किए जाने वाले निर्णयों पर पाबंदी लग जाएगी।
देवड़ा के कार्यकाल में बने थे कार्य संचालन विनियम
मानसिंह देवड़ा के समय मंडल में हुई अनियमितताओं पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार ने कार्य संचालन विनियम-2002 बनाए थे। देवड़ा के समय यहां तमाम अधिकार अध्यक्ष ने अपने पास सुरक्षित कर लिए थे, जब भूमि आबंटनों और वित्तीय मामलों में अनियमितताएं उजागर हरुई तो कांग्रेस सरकार ने आवासन मंडल एक्ट 1970 की धारा 53 के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह विनियम बनाए। इसके बाद कुछ अन्य वित्तीय शक्तियों में भी संशोधन किए गए।