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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर.उच्च न्यायालय अभिभाषक संघ के 17 पदों के लिए शनिवार को सुबह 10 से सायं पांच बजे तक मतदान हुआ। मतदान के दौरान मत देने से वंचित रहे अभिभाषकों ने हंगामा किया और नारेबाजी की। देर रात तक मतों की गिनती का काम चलता रहा।
संघ के चुनाव के प्रति अभिभाषकों में उत्साह नजर आ रहा था। संघ के विभिन्न पदों के प्रत्याशी अपने-अपने समर्थकों के साथ सुबह नौ बजे ही जिला न्यायालय परिसर में एकत्रित होना शुरू हो गए थे। सुबह दस बजे के बाद जो भी मतदाता अभिभाषक परिसर में आता दिखाई देता था, उसे प्रत्याशी एवं उसके समर्थक घेर लेते थे, और वोट देने का आग्रह करते थे। कुछ प्रत्याशी वरिष्ठ अभिभाषकों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद भी मांगते हुए दिखे।
तीन-चार घंटे तक तो मतदान शांति से चलता रहा लेकिन दोपहर बाद उस समय हंगामा हो गया जब एक सैकड़ा से अधिक अभिभाषकों को सदस्यता शुल्क जमा न करने पर वोट डालने से रोक दिया गया। कुछ अभिभाषकों की निर्वाचन अधिकारियों से तीखी झड़प भी हुई। निर्वाचन अधिकारियों ने सदस्यता शुल्क की तिथि निर्धारित कर दी थी, इसके साथ ही यह भी कहा था कि जो सदस्यता शुल्क जमा नहीं करेगा, वह अपना वोट नहीं डाल पाएगा। इस नियम पर भी कई अभिभाषकों ने आपत्ति दर्ज कराई। उनका कहना था कि कुछ प्रत्याशियों ने अपने समर्थक अभिभाषकों की सदस्यता रसीद पूर्व तिथि में शनिवार की सुबह तक कटवा दी और उनसे आज मतदान कराया जा रहा है। निर्वाचन अधिकारी अपने निर्णय पर अडिग रहे। बाद में हंगामा अपने आप थम गया।
मतदान कक्षों के बाहर लगी लाइनें
मतदाता अभिभाषकों की संख्या 1696 है। जिला न्यायालय परिसर स्थित अभिभाषक संघ के तीन कक्षों में मतदान कराने की व्यवस्था की गई थी। प्रथम अभिभाषक कक्ष क्रमांक 1 में निर्वाचन अधिकारी केएस तोमर, द्वितीय अभिभाषक कक्ष क्रमांक 2 में सहायक निर्वाचन अधिकारी बीडी जैन एवं तृतीय लायब्रेरी कक्ष क्रमांक 3 में सहायक निर्वाचन अधिकारी संजीव मिश्रा ने मतदान कराया। मतदान कक्षों के बाहर वोट डालने आए अभिभाषकों की लंबी लाइनें भी कई बार लगीं।
परिचय पत्रों को लेकर हुई झड़पें
मतदान के समय कई बार परिचय पत्र को लेकर मतदाता और निर्वाचन कराने वालों के बीच झड़पें हरुई। निर्वाचन अधिकारियों ने पहले ही घोषित कर दिया था कि मतदाताओं को स्टेट बार काउंसिल द्वारा जारी किया गया परिचय पत्र मतदान स्थल पर मतदान अधिकारी को दिखाना होगा। इसके बाद भी कई मतदाता परिचय पत्र लेकर नहीं पहुंचे थे।
फर्जी वोट डालने की भी शिकायतें
मतदान के दौरान फर्जी वोटिंग होने की शिकायतें कुछ अभिभाषकों ने निर्वाचन अधिकारियों से की। दानाओली निवासी राजू शर्मा उस समय अचंभित रह गए जब वह वोट डालने मतदान कक्ष में पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि उनका वोट तो पड़ चुका है। ऐसे एक दर्जन से अधिक अभिभाषकों ने निर्वाचन अधिकारियों से शिकायत की।
पद सत्रह, चुनाव लड़े 76
उच्च न्यायालय अभिभाषक संघ में एक अध्यक्ष, एक सचिव, एक कोषाध्यक्ष, एक मास्टर ऑफ लाइब्रेरी, 9 कार्यकारिणी सदस्य, दो उपाध्यक्ष एवं दो सहसचिव पद के लिए 76 प्रत्याशी मैदान में थे।
0 अध्यक्ष पद के लिए अरुण पटेरिया, देवकृष्ण कटारे, लखपत सिंह चौहान, राजू शर्मा, सुरेन्द्र सक्सैना, वायके पाठक उम्मीदवार थे।
0 उपाध्यक्ष पद पर अशोक कुमार शर्मा, अशोक जादौन, दिलीप कुमार पाठक, जितेन्द्र तिवारी,केएल गुप्ता, राजेश गुप्ता, रमेश शरण शर्मा, विजय कुमार शर्मा, यतेन्द्र कुमार पांडे, योगेन्द्र सिंह तोमर चुनाव लड़े।
0 सचिव पद हेतु अशोक सिंह चौहान, भुवन कुमार सक्सेना, गुरुदत्त शर्मा, मूलचन्द्र सक्सेना, पंकज पालीवाल, पंकज सक्सैना, रामविलास शर्मा ने चुनाव लड़ा।
0 सहसचिव पद हेतु अजीत सारस्वत, आलोक शर्मा, आशीष श्रीवास्तव, देवेन्द्र भार्गव, मंजुला त्रिपाठी, पुरुषोत्तम पांडे, राजकुमार सिंह अहमाना, संजय सेंगर, शीतल चन्द्र जैन, सुनील सोनी उम्मीवार थे।
0कोषाध्यक्ष पद हेतु ओपी अग्रवाल, पुनीत शर्मा, संगम कुमार जैन, वीरेन्द्र सिंह कुशवाह, वेदप्रकाश गुप्ता ने चुनाव लड़ा। 0 मास्टर ऑफ लाइब्रेरी पद हेतु अक्षय कुमार जैन, अनिल कुमार श्रीवास्तव, अरविन्द सिंह चौहान, मधुसूदन श्रीवास्तव, रमेश बंसल, संजय कुमार अग्रवाल, विनोद कुमार शर्मा उम्मीवार थे।
0 कार्यकारिणी सदस्य पद हेतु आदित्य बल्लभ त्रिपाठी, आलोक शर्मा, आलोक श्रीवास्तव, अनूप गुप्ता, अरुण गोधा, अशोक कुमार शर्मा, अशोक राठौर, भूषण आहूजा, धर्मवीर सिंह गुर्जर, दिलीप जोशी, देशबन्धु उचारिया, गिरधारी सिंह चौहान,होतम सिंह राठौर, केपीएस सेंगर, कपिल शर्मा, कप्तान सिंह कुशवाह, कुसुम शर्मा, मनोज श्रीवास्तव, प्रदीप बोरसे, पुष्पा बोहरे, राजकुमार जैन, राजेश भार्गव, रमेश चन्द्र वित्थरिया, ऋषि कुमार कटारे, शिवशंकर शर्मा, सतेन्द्र सिंह तोमर, संतोष वाजपेयी, सुनील शर्मा, सुरेन्द्र सिंह धाकड़, सुरेश कुमार कुशवाह और विनय शर्मा।