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मासूम ज्योति का बुलंद हौसला

अजमेर. बाल विवाह रोकने के संबंध में शनिवार को पटेल मैदान इंडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यशाला में श्रीनगर के कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय की छठी कक्षा की छात्रा ज्योति ने अपने बालविवाह रुकवाने की दास्तां बयां की। ज्योति को महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख शासन सचिव अलका काला ने बुके भेंट किया।

मानपुरा गांव की ज्योति ने बताया कि लगभग ढाई महीने पूर्व उसकी मां भंवरी और ताई सीता देवी उसे पढ़ने से मना कर गांव ले जाने के लिए विद्यालय आई। दोनों महिलाओं ने छात्रावास अधीक्षक मोनिका शर्मा व शिक्षक पदमा जोशी से मिलकर ज्योति को घर भेजने का आग्रह किया, लेकिन ज्योति ने अधीक्षक और शिक्षक को जानकारी दी कि उसके परिवार वाले उसकी शादी करना चाहते हैं। दोनों शिक्षिकाओं ने काफी समझाया, लेकिन महिलाएं नहीं मानीं और ज्योति को ले जाने की जिद पर अड़ी रहीं। शिक्षिकाओं ने ज्योति पर निर्णय छोड़ दिया। ज्योति ने मां और ताई को साफ कह दिया कि वह अभी शादी नहीं करेगी और मन लगाकर पढना चाहती है। ज्योति की दृढ़ता देख उसकी मां व ताई वापस गांव लौट गईं।

महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख शासन सचिव अलका काला ने कहा कि आखातीज और राजस्थान एक दूसरे के पर्याय बने हुए हैं। अब प्रशासन, मीडिया और समाज को सामूहिक प्रयास करने चाहिए ताकि राज्य के माथे पर लगा यह कलंक मिट जाए। वह शनिवार को पटेल इंडोर स्टेडियम में आयोजित मीडिया कार्यशाला में मीडियाकर्मियों व स्वयंसेवी संस्थाओं के कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रही थीं। उन्हंोंने कहा कि आखातीज का नाम आते ही देशभर की निगाहें राजस्थान पर टिक जाती हैं। सर्वाधिक बाल विवाह राजस्थान में ही होते हैं। उन्होंने कहा कि अशिक्षा के कारण ही बाल विवाह होते हैं।

18 व 2 को अभियान के रूप में : मुख्यमंत्री के पांच सूत्रीय कार्यक्रम के सलाहकार टीवी एंटोनी ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए राज्य में अब 18 व दो को आंदोलन के रूप में चलाया जाना चाहिए। लड़की की शादी 18 वर्ष और दो बच्चों के बाद कभी नहीं। यह स्लोगन जगह-जगह लिखे जाने चाहिए।

जनसंख्या वृद्धि में अग्रणी राज्य : एंटोनी ने कहा कि राजस्थान जनसंख्या वृद्धि करने वाला प्रमुख राज्य है। छह करोड़ की आबादी वाले राज्य की आगामी 25 साल में 8 से 9 करोड़ की आबादी हो जाएगी। राज्य में ग्रोथ रेट 21.4 प्रति हजार है, इसे घटा कर 11 प्रति हजार लानी है।

कलेक्टर नवीन महाजन ने भी बाल विवाह को रोकने के लिए बालिका शिक्षा पर जोर दिया। यूनीसेफ की अधिकारी डॉ. मुक्ता अरोड़ा ने पावर प्रजेंटेशन द्वारा बाल की बुराइयों के बारे में बताया।





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