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104 करोड़ की योजना पर सहमति

कोटा. चंबल की दरई मुख्य नहर के जीर्णोद्धार के तहत 104 करोड़ रुपए के कार्र्यो पर मध्यप्रदेश ने सहमति दे दी है। शीघ्र टेंडर आमंत्रित कर 30 जून तक कार्यादेश जारी होंगे। वार्षिक मरम्मत कार्र्यो के लिए 12 करोड़ 70 लाख रुपए के एस्टीमेट पर भी विधिवत सहमति दे दी है।

शनिवार को जयपुर में हुई दोनों राज्यों की प्रमुख शासन सचिव स्तरीय बैठक में सहमति हुई। बैठक में राजस्थान जलसंसाधन विभाग के प्रमुख शासन सचिव एस. एन. थानवी और मध्यप्रदेश के प्रमुख सचिव अरविंद जोशी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। मप्र. की लिखित सहमति के साथ ही पिछले दो साल से लम्बित पड़ी 104 करोड़ रुपए के कार्य कराने को हरी झंडी मिल गई। यह राशि वल्र्ड बैंक बतौर कर्ज देगा।

* जलसंसाधन विभाग कराएगा कार्य
दरई मुख्य नहर के जीर्णोद्धार पर खर्च होने वाली इस राशि में 75 फीसदी हिस्सा मध्यप्रदेश का और 25 फीसदी राजस्थान का है। सीएडी कोटा नहरीतंत्र का संचालन करता है, लेकिन 104 करोड़ के कार्य जलसंसाधन विभाग कराएगा। वही इसके टेंडर आमंत्रित कर कार्यादेश जारी करेगा। इसके लिए वल्र्ड बैंक को टेंडर डाक्यूमेंट स्वीकृति के लिए भेजे जाएंगे। मध्यप्रदेश जलसंसाधन विभाग के मुख्य अभियंता राजन श्रीवास्तव, जलसंसाधन विभाग के मुख्य अभियंता बलदेव सिंह चौधरी, अतिरिक्त मुख्य अभियंता आर. के. निगम और सीएडी के अधीक्षण अभियंता हेमसिंह टाक भी बैठक में मौजूद थे।

* क्या- क्या कार्य होंगे
दरई मुख्य नहर के समूचे जीर्णोद्धार के लिए पहले जो 540 करोड़ रुपए की योजना बनाई गई थी, वह अब 384 करोड़ की रह गई है। इसके प्रथम चरण में 104 करोड़ रुपए के कार्य होंगे। इनमें मुख्य नहर के कमजोर और रिसाव वाले हिस्सों में लाइनिंग कार्य, चिह्न्ति किए गए 17 स्ट्रक्चरों का सुदृढ़ीकरण और नहर के गेटों के मरम्मत कार्य शामिल हैं। इसमें अयाना, डाबर और इटावा ब्रांच के गेट भी दुरूस्त किए जाएंगे।

* मध्यप्रदेश ने दरई मुख्य नहर के जीर्णोद्धार के लिए 104 करोड़ रुपए के कार्र्यो पर लिखित सहमति दे दी है। शीघ्र ही टेंडर आमंत्रित कर जून माह के अंतिम सप्ताह में कार्यादेश जारी होंगे।
—आर. के. निगम, अतिरिक्त मुख्य अभियंता सिंचाई एवं जलप्रबंधन प्रशिक्षण संस्थान कोटा

* मप्र सरकार ने दरई मुख्य नहर के 104 करोड़ रुपए के कार्य कराने पर सहमति दे दी है। सैद्धांतिक सहमति तो पहले ही दे दी गई थी। अब वल्र्ड बैंक को टेंडर डाक्यूमेंट भेजकर कार्य कराए जा सकेंगे। वार्षिक मरम्मत कार्र्यो के एस्टीमेट पर भी सहमति दे दी है। हम राजस्थान से अपेक्षा करते हैं कि पूरा पानी मिलेगा।’
—राजन श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता जलसंसाधन विभाग मध्यप्रदेश





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