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बिना मंजूरी लिए बदल दी थी पेंशन प्रक्रिया

कोटा. बुजुर्ग, विधवा और विकलांग पेंशन की मंजूरी और भुगतान की प्रक्रिया बिना सक्षम स्वीकृति के बदल दिया जाना ही घोटाले का आधार बना। यह खुलासा एसडीएम अरुण हसीजा की प्रारंभिक जांच में हुआ है। अधिकृत सूत्रों के मुताबिक, पेंशन में गड़बड़ी के ज्यादातर मामले अगस्त 2006 से मार्च 2008 के बीच के हैं।

तत्कालीन एसडीएम अंबरीश कुमार ने इसी दौरान पहली बार पेंशन आदेश स्वीकृति तथा भुगतान प्रक्रिया में बदलाव करते हुए कम्प्यूटर से स्केन हस्ताक्षरों को लागू किया था। दलालों ने इसी का फायदा उठाया और फर्जी दस्तावेज की मदद से बड़ी संख्या में नए पेंशन खाते खोल दिए। निदेशक ट्रेजरी एंड एकाउंट सुनीला अजमेरा ने बताया कि पूरे राज्य में पेंशन स्वीकृति की प्रक्रिया में जहां बदलाव हुआ है। वहां खातों का सत्यापन कराया जाएगा। इसके आदेश जल्द ही जारी किए जाएंगे।

क्यों नहीं ली इजाजत
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक यह अचरज की बात है कि प्रक्रिया में बदलाव से पहले आधिकारिक तौर पर इजाजत नहीं ली गई। कोषालय पहले मूल हस्ताक्षरों के बाद ही पेंशन राशि का भुगतान करता था।

कोषाधिकारी कोटा श्रीनिवास मीणा से सवाल:
कोषालय कार्रवाई में पीछे क्यों रहा?
- पेंशन स्वीकृति के अधिकार एसडीएम के पास होते हैं। वहीं से स्वीकृति की प्रक्रिया तय की जाती है। ट्रेजरी तो उस पर ही चलती है। इसलिए कार्रवाई भी एसडीएम को ही करनी थी।

क्या प्रक्रिया बदल सकती है?:
- प्रक्रिया बदलने के अधिकार तो किसी के पास नहीं हैं। सही प्रक्रिया क्या है?:
- पेंशन स्वीकृति के आदेशों के स्वीकृत पत्र की तीन कॉपियां बनती हैं। इन पर एसडीएम के मूल हस्ताक्षर होते हैं। तीनों कॉपियां अलग-अलग आवेदक, एसडीएम ऑफिस व ट्रेजरी के पास जाती हैं।

- कहीं तालमेल में कमी रही?:
ऐसा तो नहीं है लेकिन, एसडीएम ऑफिस से यदि पेंशन स्वीकृत आदेशों की संख्या और नाम की सूची ट्रेजरी को मिलती तो घोटाला नहीं होता।

तीन महीने की सूची तैयार:
पेंशन घोटाले में विभागीय जांच के लिए एसडीएम ऑफिस में गठित दल ने फरवरी, मार्च और अप्रैल माह की अवधि में स्वीकृत पेंशन आदेशों का सत्यापन कर लिया है। एसडीएम हसीजा ने बताया कि सक्षम अधिकारी पेंशन आवेदन पत्रों की स्वीकृति आदेश का मिलान कर अंतिम रूप दे रहे हैं। ट्रेजरी पेंशन भुगतान और स्वीकृति आदेशों का मिलान करेगी। इसके बाद पात्र व्यक्तियों को पेंशन का भुगतान कर दिया जाएगा। इस दौरान जो कूटरचित आदेश हुए हैं, उन्हें निरस्त करने की कार्रवाई होगी।

ट्रेजरी एंड एकाउंट निदेशक सुनीला अजमेरा से सवाल-जवाब
* एटीओ के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई?:
- प्रारंभिक कार्रवाई के तहत एपीओ किए गए सहायक कोषाधिकारी (एटीओ) एल.एन. खंडेलवाल के जांच में दोषी पाए जाने पर आगे की कार्रवाई होगी।

* क्या ट्रेजरी की भूमिका भी संदिग्ध रही?:
- नहीं, यदि पेंशन स्वीकृत करने वाला ही प्रक्रिया बदल दे तो ट्रेजरी क्या कर सकती है।

* प्रक्रिया तो और भी जगह बदली होगी?:
- इसका अंदेशा है, इसीलिए दूसरी जगहों पर भी सत्यापन कराया जाएगा।

* मूल हस्ताक्षर के बिना तो भुगतान नहीं करती ट्रेजरी?:
- जांच की जा रही है। प्रारंभिक रिपोर्ट मिली है। हर पहलू की तस्दीक होगी।





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