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नेताओं का सत्कार, जनता पर भार

भोपालप्रदेश के नगरीय निकाय और जनपद पंचायतें स्वागत-सत्कार की परंपरा को बखूबी निभा रही हैं। यह बात अलग है कि इसके लिए आम आदमी की गाढ़ी कमाई से टैक्स के रूप में आने वाले रुपयों को पानी की तरह बहाया जा रहा है।

नगर पालिका, नगर पंचायत और जनपदों ने हाल के सालों में नेताओं की आवभगत और नाश्ते-पानी पर ६२ लाख रुपए से ज्यादा खर्च कर दिए। इसमें भोपाल संभाग के नगरीय निकाय अव्वल हैं जबकि सागर की जनपदों ने सभी को पीछे छोड़ दिया है। ऑडिट आपत्तियों के कारण अब यह राशि विवादों में फंस गई है। नेताओं के जुलूस, अभिनंदन और अन्य गैर सरकारी आयोजनों का जिम्मा अघोषित रूप से निकायों के कंधों पर ही रहता है। इनमें से कुछ को सरकारी आयोजन का अमलीजामा पहनाकर खर्चो को ‘एडजस्ट’ करने की कोशिश की जाती है लेकिन अधिकतर में ऐसा नहीं हो पाता और भुगतान आपत्तियों में उलझ जाता है।

बीमा एवं स्थानीय निधि संपरीक्षा विभाग की रिपोर्टो के अनुसार छोटे नगरीय निकाय और जनपद पंचायतों ने ‘मुफ्त का चंदन, घिस मेरे नंदन’ की तर्ज पर फिजूलखर्ची में दरियादिली दिखाई है। ऑडिट विभाग ने ७४ नगरीय निकायों के ३१ लाख ४४ हजार रुपए से ज्यादा के खर्चे को नियम विरुद्ध व गैरजरूरी बताया है। जिला व जनपद पंचायतों की भी लगभग इतनी ही राशि है। अधिकतर राशि वर्ष २क्क्२-क्३ से क्६-क्७ के बीच की है। जानकारों के मुताबिक जितनी राशि का गैरजरूरी व्यय सामने आया है, उतनी राशि से सड़कों की मरम्मत, बगीचों का रखरखाव, नाली निर्माण सहित आम लोगों की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कई काम हो सकते थे।

ऐसे दिखाई दरियादिली

- नेताओं के आगमन पर स्वागत-सत्कार - अभिनंदन समारोह की व्यवस्था - विज्ञापन का प्रकाशन - शिलान्यास, उद्घाटन समारोह - धार्मिक मेलों का आयोजन - स्वल्पाहार व भोजन

बड़े निकाय इसलिए बच जाते हैं बड़े नगरीय निकायों के अफसर बड़े आयोजनों के लिए राशि की व्यवस्था बजट में करा लेते हैं। शिलान्यास व उद्घाटन जैसे कार्यक्रमों के लिए व्यवस्थाएं जुटाने की जिम्मेदारी संबंधित निर्माण कार्य के ठेकेदार के कंधे पर डाल दी जाती है। यही वजह है भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन जैसे नगर निगमों में इस तरह के कार्यक्रमों की फिजूलखर्ची ऑडिट की पकड़ में नहीं आ पाती है।

जिला-जनपद पंचायतों के हाल

क्रं. निकाय संभाग राशि १ अलीराजपुर इंदौर ३७७६क्२ २ गुन्नोर सागर १५९३२क् ३ हरदा भोपाल १५३५क्क् ४ राजनगर सागर १क्३११२ ५ छतरपुर सागर ९४७क्५ ६ जैसीनगर सागर ९२८३क् ७ बक्स्वाहा सागर ८९६क्६ ८ सिहोरा जबलपुर ७९९८४ ९ पन्ना सागर ७४क्क्क् १क् अमरपाटन रीवा ६७९क्क्

(छतरपुर व पन्ना जिला पंचायत, बाकी सभी जनपद पंचायतेंं, क्रम अॅाडिट रिपोर्ट के विश्लेषण के आधार पर)

नगरीय निकायों के बजट में योजना और गैर योजना मद के खर्चो का प्रावधान रहता है। यदि इसके विपरीत राशि खर्च की जाती है तो अनुचित है। ऐसे खर्चो की जानकारी मिलने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध की जाएगी। - एस.एन. मिश्रा, आयुक्त, नगरीय प्रशासन विकास विभाग





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