उज्जैन प्रो. एचएस सभरवाल हत्याकांड मामले में नागपुर में चल रही सुनवाई के लिए एक बार फिर पब्लिक प्रोसिक्यूटर के नाम को लेकर समस्या खड़ी हो गई। २५ अप्रैल को नागपुर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने बेस्ट बेकरी कांड से चर्चित प्रोसिक्यूटर माजिद मेमन के नाम पर सहमति जताई थी। शनिवार को मेमन ने इस केस को लड़ने में असमर्थता जता दी, जिससे सुनवाई फिर टल गई। कोर्ट ने हिमांशु सभरवाल से फिर एक पब्लिक प्रोसिक्यूटर का नाम मांगा तो उन्होंने जबलपुर के प्रतुल शांडिल्य का नाम सुझाया। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए १४ मई का दिन तय किया है।
शनिवार को नागपुर कोर्ट में प्रो. सभरवाल हत्याकांड की तीसरी तारीख थी। १७ अप्रैल और २९ अप्रैल को सुनवाई शुरू नहीं हो सकी थी। शनिवार को सुनवाई शुरू होने की संभावना थी लेकिन ऐन मौके पर हिमांशु की सिफारिश पर तय किए गए पब्लिक प्रोसिक्यूटर माजिद मेमन ने समयाभाव के कारण केस लड़ने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने हिमांशु से फिर किसी पब्लिक प्रोसिक्यूटर का नाम मांगा तो उन्होंने श्री शांडिल्य का नाम सुझा दिया। भास्कर से चर्चा के दौरान हिमांशु ने बताया कि श्री शांडिल्य का नाम तय हो चुका है वे अपनी सहमति भी दे चुके हैं।
१४ मई तक उनका नाम फायनल हो जाएगा। १४ मई को कोर्ट मप्र शासन को भी नोटिस जारी कर देगी। शनिवार को सुनवाई के दौरान सभी छह आरोपियों शशिरंजन अकेला, विमल तोमर, हेमंत दुबे, विशाल राजोरिया, सुधीर यादव व पंकज मिश्रा ने कोर्ट से उन्हें उज्जैन भेजने की अनुमति मांगी जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। संभवत: अब पूरी सुनवाई के दौरान उन्हें नागपुर जेल में ही रखा जाएगा। आरोपियों ने कोर्ट से हिमांशु को पब्लिक प्रोसिक्यूटर का नाम सुझाने के लिए एक मौका और नहीं देने की अपील भी की थी जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।