नई दिल्ली. कॉरपोरेट क्षेत्र की ओर युवाओं के तेजी से बढ़ते कदम का असर भारतीय सेना पर देखा जा सकता है। महाराष्ट्र के खडगवासला स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के नए बैच में 108 सीटें रिक्त पड़ी है।
रक्षा सेवा के प्रमुख संस्थान एनडीए में इस साल केवल 192 कैडेटों ने ही प्रवेश लिया, जबकि कुल सीटें 300 हैं। एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने कहा कि यह सही है कि इस साल कैडेटों की संख्या में भारी कमी दर्ज की गई है। इस साल केवल 192 कैडेटों ने प्रवेश लिया है।
सेना में अधिकारियों की कमी पर 29 अप्रैल को रक्षा मंत्री ए. के. एंटोनी ने कहा था कि सेना में अधिकारियों की कमी सच्चई है। सरकार युवाओं को रक्षा सेवा की ओर आकर्षित करने के लिए सकारात्मक और सक्रिय रूप से कदम उठा रही है।
सरकार ने इसके लिए वृहत स्तर पर मीडिया अभियान भी चलाया लेकिन इसके बावजूद भी रक्षा सेवा में युवाओं को आकर्षित करने में कोई बड़ी सफलता नहीं मिली। एनडीए के अलावा देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) भी अभ्यार्थियों को अपनी ओर आकर्षित करने में कामयाब नहीं हो रही है। यहां के 250 सीटों के लिए मात्र 86 छात्रों ने ही प्रवेश लिया है।
सैन्य अधिकारी के अनुसार इन संस्थानों में योग्य अभ्यार्थी नहीं पहुंच रहे हैं जिसकारण सीटें खाली है। गौरतलब है कि भारतीय सेना को प्रतिवर्ष 2,100 अधिकारियों की आवश्यकता होती है। वहीं वर्तमान में सेना को 11,238 अधिकारियों की कमी खल रही है।