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खली तॊ महाबली,पर....

चंडीगढ़: डब्ल्यूडब्ल्यूई में तहलका मचाने वाले ‘द ग्रेट खली’ की वतन वापसी से प्रशंसकों में खुशी की लहर जरूर है, लेकिन पंजाब पुलिस असमंजस में है कि वह अपने इस मुलाजिम का सम्मान करे या उसे अनुशासन का पाठ पढ़ाए। खली पिछले दो साल से अधिक समय से ‘सिक लीव’ पर है और इस बीच उसने अपने विभाग से कोई संपर्क नहीं किया है।

खली उर्फ दिलीप सिंह राणा डब्ल्यूडब्ल्यूई के कई सम्मान अपने नाम करके भले ही लौटा हो, लेकिन पंजाब पुलिस को तो अभी भी ‘सिक लीव’ के मामले में उसकी ओर से संपर्क किए जाने का इंतजार है। जालंधर स्थित पंजाब सशस्त्र पुलिस मुख्यालय में तैनात रहे खली ने 2006 में अमेरिकी यात्रा के लिए छह महीने की छुट्टी ली थी। अतिरिक्त डीजीपी राजन गुप्ता ने बताया कि खली ने बाद में मेडिकल आधार पर छुट्टी को छह महीने और बढ़ाने का आवेदन दिया, लेकिन फिर उसके बाद से उसने कोई संपर्क नहीं किया है। गुप्ता ने कहा, ‘निश्चित तौर पर यह अनुशासन नहीं है।’

वेतन भी मिल रहा है : मजेदार बात यह है कि खली जहां रेसलिंग में लाखों (रुपए नहीं डॉलर) कमा रहा है, वहीं उसे पंजाब पुलिस से 15 हजार रुपए प्रतिमाह का वेतन भी नियमित रूप से मिल रहा है। जब पूछा गया कि क्या खली के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी तो गुप्ता ने सिर्फ इतना कहा कि, ‘यह खली को निर्णय लेना है कि वह पुलिस में रहना चाहता है या नहीं।’

पूर्व कोच का क्या है कहना : खली के पूर्व कोच मनजीत सिंह ने बताया कि जब खली बॉडी-बिल्डिंग दल में शामिल हुआ तो वह खासा मशहूर हो गया। उसने राष्ट्रीय स्वर्ण पदक जीता, प्रशिक्षण के लिए विदेश गया और फिर टैलेंट स्क्वॉड द्वारा चुन लिया गया। सिंह ने कहा कि खली जब लौटा तो शनिवार को दिल्ली में उनकी उससे बातचीत हुई थी। उन्होंने कहा, ‘अगर वह पंजाब आता है तो हम उसका सम्मान करेंगे।’





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