नई दिल्ली: आईआईएम और आईआईटी के बाद अब देश के विभिन्न विश्वविद्यालय भी ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों की फीस में बढ़ोतरी कर सकते हैं। इसके लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने केंद्रीय और राज्य विश्वविद्यालयों में फीस के स्वरूप का अध्ययन करने के लिए जल्द ही कमेटियों के गठन का फैसला लिया है।
यूजीसी के चेयरमैन प्रो. सुखदेव थोरात ने बताया कि कमेटियां विभिन्न विश्वविद्यालयों और स्वशासी संस्थानों में फीस के स्वरूप का अध्ययन करेंगी। वे विचार-विमर्श कर फीस के आदर्श ढांचे पर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी, उसके आधार पर फीस के बारे में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यूजीसी ने केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड (सीएबीई) की सिफारिश पर यह कदम उठाया है।
सिफारिश : सीएबीई ने कहा था कि फिलहाल सरकार द्वारा संचालित विश्वविद्यालयों में फीस काफी कम हैं। उसने प्रत्येक कोर्स को संचालित करने में आने वाले खर्च के अनुसार फीस में बीस फीसदी तक की बढ़ोतरी करने की सिफारिश की थी।