भोपाल. राज्य सरकार ने मैनेजमेंट एंट्रेंस टेस्ट यानी ‘मेट’ और प्री-एमसीए के नियम जारी कर दिए हैं। व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित इन परीक्षाओं के जरिए प्रदेश के संस्थानों में मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन और मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाएगा। राज्य सरकार ने बीई के समान इन पाठ्यक्रमों में भी मैनेजमेंट कोटा नहीं रखा है।
इसके अलावा देशभर से आने वाले छात्रों को प्रवेश देने के लिए इन परीक्षाओं में भी मूलनिवासी का बंधन नहीं रखा गया है। जाहिर है यह परीक्षाएं भी पीईटी की तरह राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की जाएंगी। तकनीकी शिक्षा विभाग ने नियम व्यापमं को भिजवा दिए हैं। अगले सप्ताह में परीक्षाओं की तिथि घोषित कर दी जाएगी।
राज्य सरकार ने एमबीए और एमसीए की प्रवेश परीक्षाओं के नियम भी लगभग पीईटी के समान बनाए हैं। इन परीक्षाओं में भी मैनेजमेंट कोटा का प्रावधान नहीं रखा है। सरकार ने योग्यता के आधार पर प्रवेश देने की नीति को कायम रखा है।
ऑल इंडिया कोटा नहीं
नए नियमों में सरकार ने इन परीक्षाओं में ऑल इंडिया कोटा नहीं रखा है। इससे साफ है कि इस बार राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली मैनेजमेंट प्रवेश परीक्षा ‘एटीएमए’ में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को प्रदेश के संस्थानों में प्रवेश नहीं मिल सकेगा।
इसके स्थान पर सरकार ने देशभर से आने वाले छात्रों को प्रवेश देने के लिए इन परीक्षाओं में भी मूल निवासी का बंधन नहीं रखा है। जाहिर है यह परीक्षाएं भी पीईटी की तरह राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की जाएंगी।
पात्र उम्मीदवारों से भरी जाएंगी सीटें
प्रवेश प्रक्रिया के समय आरक्षण और एनआरआई कोटे की खाली रह जाने वाली सीटों को नियमानुसार सामान्य पूल की सीटों में मिला दिया जाएगा। अंत में इन सीटों पर प्रवेश परीक्षा की पात्रता रखने वाले उम्मीदवारों को प्रवेश दिया जा सकेगा। इस व्यवस्था से इन पाठ्यक्रमों में अंत में स्नातक में 50 प्रतिशत अंक वालों को भी प्रवेश मिल सकेगा।
जून में हो सकेगी परीक्षा
माना जा रहा है कि दोनों परीक्षाएं जून में ही आयोजित की जा सकेंगी। इस बारे में प्रवेश विनियामक समिति पहले ही निर्देश दे चुकी है कि यह परीक्षाएं विश्वविद्यालयीन परीक्षाओं के बाद ही करवाई जाएं। इनमें स्नातक उम्मीदवारों को शामिल होने की पात्रता की वजह से ऐसा विचार किया गया है।
एक ही नियम पुस्तिका
सूत्रों के अनुसार एक से नियम होने की वजह से व्यापमं इन परीक्षाओं के लिए एक ही नियम पुस्तिका जारी करेगा। जिसमें विषयों के चयन के अनुसार दोनों परीक्षाओं के लिए अलग आवेदन होंगे।